मुंगेर के चर्चित अनुराग पोद्दार हत्याकांड में CID की री-एंट्री, 4 साल बाद एक सवाल पर टिकी जांच

मुंगेर के बहुचर्चित अनुराग पोद्दार हत्याकांड में वर्षों बाद एक बार फिर जांच की हलचल तेज हो गई है।सीआईडी के डीएसपी सह अनुसंधानकर्ता फैजल के नेतृत्व में विशेष टीम मृतक के घर पहुंची और परिजनों का दोबारा बयान दर्ज किया....

मुंगेर के चर्चित अनुराग पोद्दार हत्याकांड में CID की री-एंट्
अनुराग पोद्दार हत्याकांड में CID की री-एंट्री- फोटो : इम्तियाज खान

Munger : जिले के बहुचर्चित अनुराग पोद्दार हत्याकांड में वर्षों बाद एक बार फिर जांच की हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2022 में पटना हाईकोर्ट में अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अचानक सीआईडी (CID) की दोबारा सक्रियता ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सीआईडी के डीएसपी सह अनुसंधानकर्ता फैजल के नेतृत्व में विशेष टीम मुंगेर के बेकापुर लोहापट्टी स्थित मृतक के घर पहुंची और परिजनों का दोबारा बयान दर्ज किया। चार साल बाद अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से पुलिस व प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।


2020 के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन गोलीकांड से जुड़ा है मामला 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में श्रद्धालु अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मुंगेर में व्यापक जनाक्रोश फैला था और कई जगह विरोध प्रदर्शन व आगजनी हुई थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर अदालत के निर्देश पर कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया और जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। सीआईडी ने करीब 15 महीने की पड़ताल के बाद 12 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट में अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।


सीआईडी का अनोखा सवाल— 'दाएं हाथ से काम करता था या बाएं से?'

इस बार की जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह सीआईडी का एक खास सवाल था। टीम ने अनुराग के पिता अमरनाथ पोद्दार, मां और बहन से पूछताछ के दौरान मुख्य फोकस केवल इसी बात पर रखा कि अनुराग दाएं हाथ से काम करता था या बाएं हाथ से। इस एक सवाल ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह सवाल गोली लगने की दिशा, घटना के कोण या पूर्व में दर्ज बयानों के वैज्ञानिक सत्यापन से जुड़ा हो सकता है।


गवाहों और परिजनों से दोबारा पूछताछ से उठे कई सवाल 

इससे पूर्व 7 जुलाई 2026 को सीआईडी के वरीय डीएसपी और अनुसंधानकर्ता सत्यकाम ने मामले के गवाह गौरव कुमार को नोटिस जारी कर पटना सीआईडी मुख्यालय बुलाया था और उसका पुन: बयान दर्ज किया था। गवाह के बाद अब मृतक के परिजनों से भी गहन पूछताछ हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 2022 में ही सीआईडी अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी थी, तो अब फिर से जांच की जरूरत क्यों पड़ी? क्या जांच में कोई नया तथ्य सामने आया है या पुरानी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश हो रही है?


इंसाफ का इंतजार: क्या दोषियों पर होगी कार्रवाई?

अनुराग पोद्दार का परिवार और मुंगेर की जनता आज भी इस सवाल के जवाब का इंतजार कर रही है कि हत्याकांड के जिम्मेदार लोगों पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या सीआईडी अनुसंधान में पूर्व में कोई महत्वपूर्ण कड़ी छूट गई थी जिसे अब पूरा किया जा रहा है? मुंगेर के नागरिक उम्मीद जता रहे हैं कि इस नई जांच प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और अनुराग के परिजनों को आखिरकार न्याय मिल सकेगा।

इम्तियाज की रिपोर्ट