कोर्ट परिसर में एएसआई संतोष हत्याकांड के दोषियों ने मचाया गदर: पुलिसकर्मियों पर किया हमला, कैदी वाहन का शीशा तोड़कर भागने का प्रयास
मुंगेर व्यवहार न्यायालय परिसर में सोमवार को एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में दोषी करार दिए गए आठ अभियुक्तों ने जेल ले जाते समय जमकर हंगामा किया। अभियुक्तों ने पुलिस पर हमला कर कैदी वाहन से भागने का प्रयास किया....
Munger : जिले के व्यवहार न्यायालय परिसर में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एएसआई संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में दोषी करार दिए गए आठ अभियुक्तों ने जेल ले जाते समय जमकर हंगामा किया। कैदी वाहन में सवार अभियुक्तों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया और वाहन का शीशा तोड़कर भागने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को संभाला और किसी भी अभियुक्त को भागने नहीं दिया।
जेल ले जाने के दौरान किया हमला
घटना की पृष्ठभूमि मार्च 2025 में होली के दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में हुई एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या से जुड़ी है। सोमवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने मामले में नामजद तीन महिलाओं समेत सभी आठ अभियुक्तों—रणवीर, रंजीत, राजू, गुड्डू, विकास, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस सभी दोषियों को कैदी वाहन से मंडल कारा ले जा रही थी।
पुलिस कर्मियों पर किया अचानक हमला
कैदी वाहन के कोर्ट परिसर से निकलने से ठीक पहले अंदर सवार अभियुक्त आपस में उलझ गए और फिर अचानक पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में हाजत प्रभारी एसआई विनोद कुमार, हवलदार विदेश्वरी मांझी और महिला सिपाही निर्जला कुमारी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों द्वारा गला दबाए जाने के कारण महिला सिपाही कैदी वाहन के भीतर ही बेहोश हो गई। वहीं, हाथापाई के दौरान दो अभियुक्त राजू और गुड्डू भी घायल हो गए।
सूचना मिलते ही दलबल के साथ मौके पर पहुंचे एसपी
घटना की सूचना मिलते ही मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिससे पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। सभी घायल पुलिसकर्मियों और दोनों चोटिल अभियुक्तों को तत्काल इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंडल कारा (जेल) पहुंचा दिया।
व्यवहार न्यायालय के लोक अभियोजक संजय सिंह और एसपी ने इस घटना को बेहद गंभीर करार दिया है। एसपी सैयद इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि सजा के ऐलान से आक्रोशित होकर अभियुक्तों ने पुलिस पर हमला किया था। पुलिस प्रशासन ने कैदी वाहन में तोड़फोड़, पुलिस टीम पर हमला और हिरासत से भागने के प्रयास के आरोप में सभी अभियुक्तों के खिलाफ अलग से नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इम्तियाज की रिपोर्ट