Bihar News : डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को अपशब्द कहना पड़ा महंगा, मुंगेर में वायरल वीडियो वाला युवक गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Bihar News : डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को अपशब्द कहना पड़ा मह

MUNGER : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी और उनके पिता के विरुद्ध सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का वीडियो वायरल करना एक युवक को महंगा पड़ गया। मुंगेर जिले के हरपुर थाना क्षेत्र के एक युवक का वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा था, जिसमें वह संवैधानिक पद पर बैठे नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहा था। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई और युवक की पहचान कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।

पुलिस टीम से भी उलझा आरोपी

वायरल वीडियो के आधार पर जब हरपुर थाना पुलिस ने जांच शुरू की, तो युवक की पहचान शिशुआ निवासी शरद यादव के रूप में हुई। पुलिस जब उसे पकड़ने उसके घर पहुंची, तो आरोपी ने सहयोग करने के बजाय पुलिस टीम से ही उलझना शुरू कर दिया। वह थाने जाने का विरोध करने लगा, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए थाने से अतिरिक्त पुलिस टीम बुलानी पड़ी। अंततः पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और थाने लेकर आई।

साजिश का दावा और मांगी माफी

थाने पहुंचने और कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी शरद यादव के सुर बदल गए। पूछताछ के दौरान उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दावा किया कि उसे किसी ने नशीला पदार्थ पिला दिया था और बहकावे में आकर उससे अपशब्द निकलवाए गए, जिसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया गया। युवक ने कैमरे के सामने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से माफी मांगते हुए कहा कि उससे बड़ी भूल हुई है और भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएगा।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। हरपुर पुलिस के अनुसार, जांच में उपमुख्यमंत्री के विरुद्ध अभद्र भाषा के प्रयोग की पुष्टि हुई थी। प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जनप्रतिनिधि या संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव में चर्चा का विषय

इस गिरफ्तारी के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वीडियो को बनाने या वायरल करने के पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी या किसी अन्य व्यक्ति ने युवक को उकसाया था। फिलहाल, पुलिस सोशल मीडिया की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे। 

इम्तियाज़ की रिपोर्ट