मुंगेर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी

मुंगेर जिले में गंगा के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (39.33 मीटर) से महज 52 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है..

मुंगेर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, निचले इलाकों म
मुंगेर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा- फोटो : इम्तियाज खान

Munger : जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने तटीय और दियारा इलाकों में तबाही की आहट दे दी है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (39.33 मीटर) से महज 52 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रयागराज, वाराणसी और पटना में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे मुंगेर में जलस्तर के खतरे के निशान को पार करने की संभावना फिलहाल कम जताई जा रही है।


सीताचरण गांव चारों तरफ से घिरा, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित

जलस्तर में वृद्धि का सबसे भयावह असर गंगा पार जाफर नगर पंचायत के सीताचरण गांव में देखने को मिल रहा है। तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि पानी ने गांव को चारों तरफ से घेरकर टापू में तब्दील कर दिया है। कई घरों और मुख्य रास्तों में पानी प्रवेश कर चुका है। आम ग्रामीणों के साथ-साथ पशुपालकों के सामने भी अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और उनके चारे का प्रबंध करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।


रहिया गांव के लोग बने 'जलकैदी', आवागमन के साधन ठप

उधर तारापुर पंचायत के रहिया गांव की स्थिति भी बेहद नाजुक बनी हुई है। गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी भर जाने से मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे ग्रामीण अपने ही घरों में 'जलकैदी' जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। दियारा क्षेत्र के निचले हिस्सों में पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल होता जा रहा है।


ऊपरी क्षेत्रों से मिली राहत की खबर, पर चिंता बरकरार

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मुंगेर से ऊपरी दिशा में स्थित पटना, वाराणसी और प्रयागराज में गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है। इसी आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि मुंगेर में जलस्तर खतरे के निशान को पार नहीं करेगा। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलस्तर में थोड़ी सी भी और बढ़ोतरी निचले इलाकों के हजारों लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।


प्रशासनिक अलर्ट, स्थिति पर रखी जा रही है पैनी नजर

बाढ़ की मंडराती आशंका के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगर जलस्तर बढ़ता है या बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है, तो राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू करने के लिए टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान दियारा और जलभराव वाले क्षेत्रों पर केंद्रित है।


इम्तियाज की रिपोर्ट