Bihar News : मुजफ्फरपुर में उमड़ा सद्भाव का सैलाब, रामनवमी के जुलूस में मुस्लिमों ने लगाए 'जय श्री राम' के नारे, पेश की एकता की मिसाल
MUZAFFARPUR : सूबे में जहाँ एक ओर रामनवमी की धूम है, वहीं मुजफ्फरपुर से एक ऐसी दिल जीत लेने वाली तस्वीर सामने आई है जो 'गंगा-जमुनी तहजीब' को जीवंत करती है। शहर के टावर चौक से निकली रामनवमी शोभायात्रा जब ऐतिहासिक गरीब स्थान मंदिर के समीप पहुँची, तो वहाँ का नजारा देख हर कोई दंग रह गया। यहाँ पहले से मौजूद मुस्लिम समुदाय के दर्जनों लोगों ने न केवल जुलूस का भव्य स्वागत किया, बल्कि कंधे से कंधा मिलाकर एक स्वर में 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए।
यह मनमोहक दृश्य उन ताकतों के लिए एक बड़ा संदेश है जो हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई के नाम पर समाज को बांटने और लड़ाने की कोशिश करते हैं। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर जब मुस्लिम भाइयों ने फूल बरसाए और उनका अभिनंदन किया, तो पूरा वातावरण भाईचारे की खुशबू से महक उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तस्वीर बयां करती है कि मजहब आपसी प्रेम में बाधा नहीं, बल्कि जोड़ने का जरिया है।
गौरतलब है कि रामनवमी पर्व को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी गई थी ताकि विधि-व्यवस्था में कोई खलल न पड़े। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि कहीं कोई छोटी सी चिंगारी माहौल न बिगाड़ दे, लेकिन टावर चौक से लेकर गरीब स्थान तक दिखी इस एकजुटता ने प्रशासन की चिंता को राहत में बदल दिया।
जुलूस के दौरान उमड़ी इस भीड़ में न तो कोई भेदभाव था और न ही कोई डर। मुस्लिम समुदाय के युवाओं और बुजुर्गों ने जिस गर्मजोशी से रामभक्तों का स्वागत किया, उसने मुजफ्फरपुर की एक सकारात्मक छवि देश के सामने रखी है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे लोग "असली भारत की तस्वीर" बता रहे हैं।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने भी इस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल की सराहना की है। अधिकारियों का मानना है कि जब समाज खुद आगे बढ़कर शांति की कमान संभालता है, तो पुलिस का काम आसान हो जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक उल्लास का प्रतीक बना, बल्कि मानवता और आपसी विश्वास का एक ऐसा अध्याय लिख गया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
मणिभूषण की रिपोर्ट