Patna Crime:पटना में सुशासन का जनाजा, रसूखदार की हथियारबाजी के सामने सम्राट की लाचार पुलिस! पढ़िए राहुल कुमार का मंत्रियों के साथ सेल्फी और सरेआम फायरिंग का खेल
Patna Crime: सूबे के मुखिया सम्राट चौधरी की हाई-टेक पुलिस जिस हर्ष फायरिंग और असलहों के प्रदर्शन पर कड़े कार्रवाई की बात करती है, उसकी धज्जियां उड़ाने वाला कोई और नहीं, बल्कि हुक्मरानों के साए में पलने वाले सफेदपोश गुर्गे हैं।
Patna Crime: बिहार की हुकूमत भले ही सूबे में कानून के राज का खोखला ढिंढोरा पीटती रहे, लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी पटना पुलिस की नाक के नीचे ही सरेआम खौफ का नंगा नाच चल रहा है। सूबे के मुखिया सम्राट चौधरी की हाई-टेक पुलिस जिस हर्ष फायरिंग और असलहों के प्रदर्शन पर कड़े कार्रवाई की बात करती है, उसकी धज्जियां उड़ाने वाला कोई और नहीं, बल्कि हुक्मरानों के साए में पलने वाले सफेदपोश गुर्गे हैं।
ताजा सनसनीखेज मामला पटना के बेउर थाना इलाके से सामने आया है, जिसने खाकी के प्रभाव और सुशासन के दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। यहाँ वसंत राय के साहबजादे राहुल कुमार ने कानून को अपनी जेब में रख लिया है। राहुल के लिए सरेआम तमंचे लहराना, गोलियां दागना और रौब जमाना कोई जुर्म नहीं, बल्कि उनका रोज का शगल बन चुका है।

नेताओं की सरपरस्ती और धौंस की सियासत
इस शातिर अपराधी मिजाज युवक की ताकत का राज कथित तौर पर नेताओं की चौखट पर छिपा है। राहुल कुमार का सबसे बड़ा हथियार है नेताओं संग सेल्फी। अपनी रसूखदारी का सिक्का जमाने के लिए यह शख्स मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव , भू- राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल जैसे कद्दावर सियासतदानों के साथ खींची गई तस्वीरों का बेजा इस्तेमाल करता है।

रसूख का जाल
जब सिर पर सूबे के आकाओं का हाथ हो, तो कानून का खौफ कैसा? इसी धौंस के दम पर यह शख्स खुलेआम रिवॉल्वर से गोलियां चलाते हुए तस्वीरें खिंचवाता है और सोशल मीडिया पर अपनी दबंगई का भौकाल सेट करता है। आम जनता इस गुंडागर्दी से दहशत में है, लेकिन रसूखदारों के आगे बेउर पुलिस के हाथ-पांव फूले हुए हैं।

कुंभकर्णी नींद में बेउर पुलिस, खाकी पर उठे सुलगते सवाल
हैरत की बात यह है कि इस गुंडागर्दी के सबूत, तस्वीरें और वीडियो हर तरफ गर्दिश कर रहे हैं, लेकिन बेउर थाने की पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। रसूख के इस खूनी खेल के सामने बेउर पुलिस पूरी तरह कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। इस रवैये ने पटना पुलिस के उस वादे का कत्ल कर दिया है, जिसमें सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने वालों को तुरंत जेल भेजने की कसमें खाई जाती थीं।

जब राजधानी का यह हाल, तो सूबे का क्या होगा?
पटना की यह डरावनी तस्वीर पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। जब सूबे के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी इलाके और राजधानी में अपराधी इस कदर बेखौफ होकर हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं, तो सुदूर जिलों और देहातों की क्या बदतर स्थिति होगी, इसका महज अंदाजा लगाकर ही रूह कांप जाती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सत्ता के गलियारों में रसूख रखने वाले इस राहुल कुमार पर आखिर कब शिकंजा कसा जाएगा? क्या पटना पुलिस अपनी खाकी का मान रखते हुए इस दबंग को सलाखों के पीछे भेजेगी, या फिर सत्ता के दबाव के आगे सुशासन का यह ढोंग यूं ही चलता रहेगा? जनता सरकार से जवाब मांग रही है!
रिपोर्ट- रंजीत कुमार