Bihar Politics: क्या खाली होगा 10 सर्कुलर रोड? तेज प्रताप ने कहा -भैयारी का अंत हो गया, राबड़ी देवी की दो टूक-दम है तो फोर्स बुलाकर खाली करवाओ आवास!

Bihar Politics: जिस 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले यानी रबड़ी आवास से सूबे की राजनीति की दिशा और दशा तय होती थी, उसे खाली करने का फरमान जारी हो चुका है। ...

Rabri Defies Eviction Notice Refuses to Vacate Official Bung
-दम है तो फोर्स बुलाकर खाली करवाओ घर- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार की सियासत में इस वक्त एक नया महाभारत छिड़ गया है। जिस 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले से पिछले दो दशकों से सूबे की राजनीति की दिशा और दशा तय होती थी, उसे खाली करने का फरमान जारी हो चुका है। भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को तीसरा नोटिस थमाते हुए बंगला खाली करने का कड़ा हुक्म दिया है। अब यह सियासत का गलियारा महज़ एक मकान नहीं, बल्कि मान-सम्मान और सियासी वजूद की जंग का अखाड़ा बन चुका है।

दिल्ली से लौटते ही राबड़ी देवी के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने सम्राट हुकूमत को खुली चुनौती देते हुए कहा कि 10 सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि सम्राट चौधरी फोर्स बुलाकर इस आवास को खाली करवा लें।

इस सियासी घमासान के बीच सचिवालय एसडीपीओ (SDPO) अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ राबड़ी आवास पहुंचीं। कयासों का बाजार गर्म था कि क्या वाकई लालू परिवार को बेदखल कर दिया जाएगा? हालांकि, राबड़ी देवी ने खुद अफसर को अंदर बुलाकर बातचीत की।

विभागीय आदेश के मुताबिक, यह बंगला अब सूबे के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट हो चुका है। राबड़ी देवी को इसके बदले 39 हार्डिंग रोड का नया आशियाना दिया गया है, जो वे नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पा चुकी हैं। लेकिन लालू परिवार का इस दर-ओ-दीवार से पुराना और गहरा रिश्ता है।

साल 2005 से ही यह बंगला राजद का सबसे बड़ा पावर सेंटर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से सामान को धीरे-धीरे महुआ बाग और आर्य समाज रोड स्थित निजी आवासों पर शिफ्ट तो किया जा रहा है, लेकिन दिल से इस घर को छोड़ना लालू परिवार के लिए मुमकिन नहीं हो पा रहा।

तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को राजनीतिक कड़वाहट का चरम बताते हुए लिखा कि छोटे भाई (नीतीश कुमार) के हटते ही नए निजाम ने बड़े भाई के कुनबे को बेघर करने का फरमान सुना दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस नोटिस ने सिर्फ एक मकान नहीं छीना, बल्कि नीतीश जी और लालू जी के बीच के भैयारी(भाईचारे) वाले नैतिक रिश्ते का भी हमेशा के लिए खात्मा कर दिया है। अब देखना यह है कि पटना का यह हाई-वोल्टेज ड्रामा क्या नया सियासी मोड़ लेता है!