Bihar School News: मिड-डे मील के चावल की काला बाजारी, डीएम की सख्ती से उजागर हुआ खुला खेल फर्रुखाबादी , परिवहन एजेंसी समेत 4 पर FIR

Bihar School News: सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।...

Black game of mid day meal
मिड-डे मील के चावल की काला बाजारी- फोटो : reporter

Bihar School News: सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सरकारी चावल को बाजार में बेचने की कोशिश के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था में मचे कथित ‘काले खेल’ की परतें खोल दी हैं।

प्रशासन के मुताबिक डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार, वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार तथा मजदूर संजीव कुमार और राजा कुमार के खिलाफ बेनीबाद थाना कांड संख्या 43/26 (14 मार्च 2026) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पर सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को निर्धारित विद्यालयों तक पहुंचाने के बजाय उसे विचलित कर कालाबाजारी करने की साजिश का आरोप है।

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सरकारी खाद्यान्न की आपूर्ति में गड़बड़ी की शिकायत प्रशासन तक पहुंची। शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम एसएफसी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच के बाद जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम ने सभी तथ्यों के साथ थाने में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की।

जांच में सामने आया कि टीपीडीएस गोदाम गायघाट से मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रखंड के सात विद्यालयों में वितरण के लिए 35.50 क्विंटल यानी 71 बैग चावल भेजा गया था। इसके लिए सात अलग-अलग चालान जारी किए गए थे और निर्धारित वाहन BR06GA3843 से खाद्यान्न भेजा गया।

लेकिन जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि सात विद्यालयों के लिए भेजे गए चावल में से सिर्फ चार विद्यालयों तक ही 15 क्विंटल (30 बैग) चावल पहुंचाया गया। बाकी विद्यालयों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचा।

सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब वाहन की जांच की गई। गणना के मुताबिक चार विद्यालयों में वितरण के बाद वाहन पर 20.5 क्विंटल यानी 41 बैग चावल बचना चाहिए था, लेकिन मौके पर 50 बैग चावल पाए गए। यानी निर्धारित मात्रा से 9 बैग ज्यादा चावल मौजूद थे, जिससे यह आशंका मजबूत हुई कि खाद्यान्न को कहीं और विचलित कर कालाबाजारी की तैयारी थी।

जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना का हर दाना गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों तक खाद्यान्न की आपूर्ति की सतत निगरानी, औचक निरीक्षण और ऑनलाइन ट्रैकिंग के जरिए व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी या दुरुपयोग में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इस कार्रवाई के बाद खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में जुड़े लोगों के बीच भी हलचल तेज हो गई है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा