Bihar News : बिहार में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों ने खोला मोर्चा, काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध, मांगें न मानने पर हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी

Bihar News : बिहार के तमाम प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर सामूहिक हड़ताल पर जा सकते हैं. इसी क्रम में उन्होंने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया......पढ़िए आगे

Bihar News : बिहार में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों ने खोला म
हड़ताल की धमकी - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहारभर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों ने अपनी लंबित सेवा और प्रशासनिक मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। लंबे समय से विभागीय स्तर पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सभी अधिकारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए काला बिल्ला लगाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी वाजिब मांगों पर समय रहते ठोस फैसला नहीं लिया, तो वे राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी विभिन्न समस्याओं और सेवा संबंधी मांगों को विभागीय वरीय अधिकारियों तथा संबंधित मंत्रियों तक कई ज्ञापनों और बैठकों के जरिए पहुंचाया, लेकिन शासन स्तर से उनकी बातों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। सरकार के उदासीन रवैये से नाराज होकर अधिकारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि काला बिल्ला विरोध के बाद भी यदि सरकार का रुख सकारात्मक नहीं रहा, तो पूरे प्रदेश का आपूर्ति संवर्ग पूर्ण कार्य बहिष्कार करेगा।

इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिले के पूर्वी और पश्चिमी अनुमंडलों के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी जिला मुख्यालय पहुंचे और एक स्वर में विरोध दर्ज कराया। सभी पदाधिकारियों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर मीडिया से मुखातिब होते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन के संज्ञान में लाना चाहते हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी उन्हें सामूहिक अवकाश और हड़ताल की ओर धकेल रही है।

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के संभावित सामूहिक हड़ताल पर जाने से राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) बुरी तरह चरमरा सकती है। आपूर्ति पदाधिकारियों की सीधी निगरानी में ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और राज्य की जनवितरण योजनाओं के तहत खाद्यान्न का आवंटन, उठान और वितरण संचालित होता है। हड़ताल की स्थिति में गोदामों से अनाज की निकासी और राशन दुकानों तक आपूर्ति ठप हो जाएगी, जिससे प्रदेश के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी अनाज पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

पदाधिकारियों ने एक बार फिर सरकार और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा वार्ता के जरिए मांगों का त्वरित समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने दोहराया कि यदि शासन ने उनकी मांगों को शीघ्र स्वीकार नहीं किया, तो राशन वितरण ठप होने और आम जनता को होने वाली सभी तरह की प्रशासनिक व व्यावहारिक कठिनाइयों की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

मणिभूषण की रिपोर्ट