Bihar News : मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग की बड़ी रेड, 16 अलग-अलग ब्रांडों की विदेशी शराब किया बरामद, तस्करी के 'अंतर्राज्यीय कनेक्शन' से पुलिस दंग

Bihar News : मुजफ्फरपुर में छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने 16 अलग अलग ब्रांड की विदेशी शराब बरामद किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग की बड़ी रेड, 16 अलग-
विदेशी शराब बरामद - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग ने मुजफ्फरपुर में एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक की है। जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर ढाब इलाके में की गई इस छापेमारी में तकरीबन 10 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब जब्त की गई है। इस कार्रवाई ने विभाग को तब चौंका दिया जब बरामद खेप में एक-दो नहीं, बल्कि 16 अलग-अलग ब्रांडों की शराब मिली। हैरानी की बात यह है कि इन बोतलों पर सिक्किम, असम, उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे विभिन्न राज्यों के 'सेल टैग' लगे हुए हैं।

इस पूरी कार्रवाई की पटकथा उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर लिखी गई। सूचना मिली थी कि अहियापुर के भीखनपुर और शेखपुर ढाब के पास झाड़ियों के बीच शराब का बड़ा स्टॉक छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम ने दल-बल के साथ इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। घंटों चली मशक्कत के बाद झाड़ियों के पीछे छुपाकर रखे गए 70 कार्टून विदेशी शराब बरामद किए गए।

जब्त की गई शराब की वैरायटी ने जांच अधिकारियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर तस्करी में किसी एक राज्य की शराब पकड़ी जाती है, लेकिन एक ही स्थान से चार अलग-अलग राज्यों (सिक्किम, असम, यूपी, पंजाब) और 16 ब्रांडों का मिलना किसी बड़े संगठित सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अलग-अलग राज्यों से इतनी बड़ी मात्रा में शराब का संग्रह एक ही डिपो पर कैसे हुआ? क्या मुजफ्फरपुर को उत्तर बिहार का मुख्य ट्रांजिट हब बनाया जा रहा था?

उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बरामद शराब की बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। छापेमारी की भनक लगते ही शराब तस्कर मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। हालांकि, विभाग ने मौके से मिले साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर तस्करों को चिन्हित कर लिया है। फरार शराब माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

इस बड़ी बरामदगी ने एक बार फिर बिहार की सीमाओं पर चौकसी और शराबबंदी के दावों की पोल खोल दी है। 16 अलग-अलग राज्यों के ब्रांडों का मिलना यह साबित करता है कि शराब माफियाओं का नेटवर्क कितना फैला हुआ है। फिलहाल, उत्पाद विभाग इन ब्रांडों के बैच नंबर के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह खेप किन रास्तों से मुजफ्फरपुर तक पहुंची। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के शराब तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

मणिभूषण की रिपोर्ट