पूर्व मंत्री अजीत कुमार पहुंचे श्यामपुर भोजा गांव, बोले- पीड़ित दलित परिवार को हर हाल में दिलाएंगे न्याय
कांटी विधायक व पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने श्यामपुर भोजा पहुंचकर मृतक सुजीत राम के परिजनों से मुलाकात की। घटना के 5 दिन बाद भी पीड़ित परिवार को मुआवजा न मिलने पर उन्होंने कल्याण विभाग के अफसरों को फोन पर टोका।
बिहार के पूर्व मंत्री और कांटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत कुमार गुरुवार को क्षेत्र के श्यामपुर भोजा गांव स्थित दलित बस्ती पहुंचे। वहां उन्होंने पिछले दिनों आपसी विवाद के शिकार हुए मृतक सुजीत राम के परिजनों से मुलाकात की। विधायक ने दुखी परिवार को ढाढस बंधाया और हर परिस्थिति में न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सुजीत का असमय निधन पूरे समाज के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है।
आपसी विवाद में बुरी तरह जख्मी सुजीत ने इलाज के दौरान तोड़ा था दम
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्यामपुर भोजा गांव में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर हिंसक विवाद हो गया था। इस झगड़े और मारपीट के दौरान सुजीत राम गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सुजीत की मौत के बाद से ही पीड़ित परिवार गहरे सदमे और आर्थिक संकट में है, जिसकी सुध लेने खुद विधायक उनके दरवाजे पर पहुंचे।
घटना के 5 दिन बाद भी मुआवजा न मिलने पर कल्याण विभाग के अफसरों को टोका
मृतक के घर पहुंचे विधायक अजीत कुमार ने परिजनों से बातचीत के बाद प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने मौके से ही कल्याण विभाग के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की और घटना के 5 दिन बीत जाने के बावजूद पीड़ित महादलित परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि (मुआवजा) न मिलने पर कड़ी चिंता जताई। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में चेतावनी देते हुए दो दिनों के भीतर परिवार को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
व्यक्तिगत मदद का दिया भरोसा, साथ में मौजूद रहे कई सामाजिक कार्यकर्ता
विधायक ने पीड़ित परिवार को सरकारी लाभ दिलाने के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर भी हरसंभक आर्थिक और सामाजिक मदद करने का पक्का आश्वासन दिया। इस सांत्वना मुलाकात के दौरान विधायक के साथ कई प्रमुख स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। परिजनों से मिलने वालों में मुख्य रूप से रंजीत चौधरी, नागेंद्र पंडित, मुन्ना शाही, प्रिंस कुमार शाही, अवधेश कुशवाहा, डॉक्टर कमल देव राम और मोहन कुमार आदि शामिल थे, जिन्होंने परिवार को न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया।