50 लाख की लागत से सरकारी स्कूलों में लगे RO की खरीद पर जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने उठाए सवाल, जांच की मांग की
जदयू प्रवक्ता व तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी अभिषेक झा सरकारी विद्यालयों में सीएम क्षेत्र विकास योजना के तहत लगाए गए 66 आरओ (RO) सेटों की खरीद में वित्तीय अनियमितता की बात की है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है..
Muzaffarpur : सरकारी विद्यालयों में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत लगाए गए 66 आरओ (RO) सेटों की खरीद में वित्तीय अनियमितता का मामला गरमा गया है। जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता एवं तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी अभिषेक झा ने गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र वित्तीय एवं तकनीकी जांच की मांग की है। उन्होंने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि 66 सरकारी स्कूलों में 25 लीटर कमर्शियल आरओ लगाने के लिए 50 लाख रुपये तक की राशि खर्च की गई है, जिसके अनुसार प्रति आरओ औसतन लगभग 75,758 रुपये की लागत आती है।
बाजार मूल्य 12 हजार और खर्च 75 हजार से 1 लाख रुपये तक
अभिषेक झा ने सामने आई तस्वीरों के आधार पर आरओ की गुणवत्ता और बनावट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार में समान क्षमता और गुणवत्ता वाले उपकरण की कीमत महज 12 हजार रुपये के करीब है, जबकि सरकारी फंड से 75 हजार से लेकर 1 लाख रुपये (सीतामढ़ी में) तक प्रति मशीन खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राशि का पूरा उपयोग हुआ है, तो टेंडर, बीओक्यू (BOQ), सप्लाई ऑर्डर, बिल, भुगतान वाउचर और गुणवत्ता प्रमाण-पत्र सार्वजनिक करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।
कल तक सवाल पूछने वाले आज अनुशंसा की जांच से क्यों भाग रहे?
जेडीयू प्रवक्ता ने शिक्षक नेता और विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता कल तक बेंच-डेस्क और सबमर्सिबल योजनाओं में धांधली को लेकर सरकार से पारदर्शिता और जांच की मांग करते थे, आज उनकी खुद की अनुशंसा वाली योजना सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को हिसाब मांगने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी को सीधे भ्रष्टाचारी नहीं ठहरा रहे हैं, बल्कि जनहित में सार्वजनिक धन के सही उपयोग का हिसाब मांग रहे हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और कमीशनखोरी का आरोप
अभिषेक झा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा सिर्फ वित्तीय गबन का नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में लगाए गए सभी आरओ के पानी की मान्यता प्राप्त स्वतंत्र लैब से जांच कराने की मांग रखी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों को मानक के अनुरूप सुरक्षित पेयजल मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों के पीने के पानी की योजना में कमीशनखोरी का खेल होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
दोषियों से राशि वसूली और पूरे बिहार में जांच की मांग
अभिषेक झा ने सरकार और प्रशासन के समक्ष मांगें रखते हुए कहा कि यदि जांच में सामग्री घटिया प्रमाणित होती है, तो दोषियों से राशि की वसूली कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने मुजफ्फरपुर के साथ-साथ पूरे बिहार में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत लगे सभी आरओ की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने का आग्रह किया। इस दौरान जेडीयू महानगर अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार सिन्हा, प्रो. शब्बीर अहमद, डॉ. श्याम कल्याण पासवान, रंजन निषाद, सचिन्द्र कुशवाहा, कुंदन शांडिल्य, दिलीप राज साहनी, सुबोध पटेल और चंदन सुमन समेत कई नेता मौजूद रहे।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट