LJP विधायक पर पुलिस ने कसा शिकंजा, जेसीबी कांड में बुरे फंसे, जाएंगे जेल!

LJP विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पुलिस ने अहले सुबह बड़ी छापेमारी की।तलाशी के दौरान संदिग्ध हस्ताक्षरित स्टांप पेपर मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। ..

LJP MLA Home Raided
LJP विधायक जाएंगे जेल!- फोटो : reporter

Bihar News: सियासी और पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है। जमीन विवाद से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में सीतामढ़ी के बेलसंड से LJP विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पुलिस ने अहले सुबह बड़ी छापेमारी की। कार्रवाई इतनी व्यापक थी कि मौके पर तीन DSP के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पूरे ऑपरेशन की कमान खुद मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने संभाली।यह कार्रवाई अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहा डीह में जमीन विवाद के उस मामले से जुड़ी है, जिसने पिछले कुछ दिनों में तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि दो दिन पहले LJP का झंडा लगी कई गाड़ियों का काफिला जेसीबी मशीन के साथ विवादित जमीन पर पहुंचा था। इसके बाद वहां कथित तौर पर कई लोगों की जमीन पर बनी बाउंड्री और मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।

पीड़ितों का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। मामले में अब तक करीब 13 लोगों ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायतों के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसकी आंच LJP विधायक के परिवार तक पहुंचती दिखाई दी। पुलिस ने कोर्ट से सर्च वारंट हासिल करने के बाद विधायक के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सोनू सिंह की तलाश में विधायक के आवास पर पहुंची थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फरार हो गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने विधायक के आवास से हस्ताक्षर किया हुआ एक संदिग्ध स्टांप पेपर बरामद किया है। पुलिस अब इस दस्तावेज की जांच कर रही है कि आखिर इसका जमीन विवाद से क्या कनेक्शन है और इसे किस उद्देश्य से तैयार या इस्तेमाल किया गया था। बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों की निगाह इस दस्तावेज पर टिक गई है।SSP कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, झपहा डीह में प्लॉटिंग वाली जमीन पर विधायक के भाई सोनू सिंह के साथ कथित तौर पर कुछ लोगों के पहुंचने और बाउंड्री वॉल व मकानों को जेसीबी से गिराए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद पीड़ितों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें विधायक अमित कुमार रानू पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

SSP ने कहा कि पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट लेने के बाद विधायक के आवास पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान संदिग्ध हस्ताक्षरित स्टांप पेपर मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायक की भूमिका फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।छापेमारी के बाद SSP खुद पुलिस काफिले के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर प्रभावित जमीन का निरीक्षण किया और पीड़ित लोगों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवादित जमीन पर आखिर किसके निर्देश पर कार्रवाई की गई, जेसीबी किसके जरिए पहुंची और वहां मौजूद लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।इस पूरे प्रकरण ने मुजफ्फरपुर में जमीन विवाद और कथित दबंगई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जेसीबी से मकान और बाउंड्री ढहाने के आरोप, मारपीट की शिकायत, विधायक के भाई की तलाश, विधायक के आवास पर पुलिस छापेमारी और संदिग्ध स्टांप पेपर की बरामदगी ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।

फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई सोनू सिंह और कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका पर है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि झपहा डीह की जमीन पर जेसीबी चलाने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था और विधायक के आवास से मिला संदिग्ध स्टांप पेपर इस पूरे जमीन विवाद की कौन-सी परत खोलेगा? पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ इस हाई-प्रोफाइल जमीन विवाद में कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा