Muzaffarpur encounter case: मुजफ्फरपुर गोलीकांड की जांच तेज,गायघाट फायरिंग केस की जांच के लिए घटनास्थल पहुंची CID टीम, गांव में आक्रोश

Muzaffarpur encounter case: मुजफ्फरपुर में पुलिस फायरिंग कांड पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। जगतवीर राय मौत मामले में CID की एंट्री हो चुकी है।...

Muzaffarpur Police Firing Case
मौत की गुत्थी सुलझाने पहुंची CID टीम- फोटो : reporter

Muzaffarpur encounter case:बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हुए चर्चित जगतवीर राय मौत मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में हुई पुलिस छापेमारी के दौरान हुई झड़प और उसके बाद हुई मौत की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। इस पूरे मामले की जांच अब बिहार सीआईडी के हाथों में पहुंच चुकी है, जो घटनास्थल पर पहुंचकर हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब पास्को एक्ट के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम देर रात छापेमारी करने पहुंची थी। बताया जाता है कि इसी दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच अचानक तनाव बढ़ गया और मामला झड़प में बदल गया। इस हिंसक टकराव में पुलिस की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। इसी दौरान गोली लगने से जगतवीर राय की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में कोहराम और गुस्से का माहौल फैल गया। परिजनों ने साफ आरोप लगाया कि पुलिस ने जगतवीर राय को गोली मारकर मौत के घाट उतारा, जबकि पुलिस का दावा है कि भीड़ ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था और आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।

सुबह होते ही गांव में हंगामा, नारेबाजी और सड़क जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोग तत्कालीन थाना प्रभारी पर एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग करने लगे। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना प्रभारी और छापेमारी दल को निलंबित कर दिया। वहीं, मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी नेताओं और कई जनप्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई, जिससे माहौल और गरमा गया।

अब CID की टीम लगातार गांव में डेरा डालकर परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने हर एंगल से जांच तेज कर दी है, लेकिन सवाल वही है क्या यह पुलिस की आत्मरक्षा थी या फिर एक निर्दोष की जान लेने का मामला? जांच की रिपोर्ट ही इस सस्पेंस पर से पर्दा उठाएगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा