रेड लाइट एरिया के बच्चों के लिए वरदान बनी 'पुलिस पाठशाला', एसबीआई ने सीएसआर के तहत दिए कंप्यूटर, ड्रेस और वाटर कूलर

Bihar News : मुजफ्फरपुर में जहां कभी पुलिस को देखकर भाग जाने वाले रेड लाइट एरिया और स्लम बस्ती के बच्चे अब 'पुलिस पाठशाला' में बैठकर अपना भविष्य संवार रहे हैं। वहीं पुलिस की इस अनूठी मुहिम में SBI ने CSR के तहत सहयोग का हाथ बढ़ाया है....

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'पुलिस पाठशाला' में SBI ने बढ़ाया सहयोग का हाथ- फोटो : मणिभूषण

Muzaffarpur : जिले से खाकी का एक ऐसा मानवीय और प्रेरणादायक चेहरा सामने आया है, जिसने समाज की सोच को बदल दिया है। किसी समय पुलिस की गाड़ी देखकर डर से भाग जाने वाले रेड लाइट एरिया और स्लम बस्ती के मासूम बच्चे अब कन्हौली टीओपी (टाउन आउट पोस्ट) में बैठकर पुलिस अधिकारियों से ककहरा सीख रहे हैं। कन्हौली टीओपी में पुलिस द्वारा संचालित यह 'पुलिस पाठशाला' इन बच्चों के अंधकारमय भविष्य को शिक्षा की रोशनी से संवारने का जरिया बन चुकी है, जहां हर दिन अलग-अलग पुलिस अधिकारी खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आते हैं।


रविवार का दिन इस अनूठी पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इस सराहनीय मानवीय पहल को मजबूती देने के लिए अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत सहयोग का हाथ बढ़ाया है। बैंक की ओर से पाठशाला के बच्चों के लिए आधुनिक कंप्यूटर, स्कूल ड्रेस, उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई की सामग्री (स्टेशनरी) और भीषण गर्मी को देखते हुए शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक आरओ वाटर कूलर (RO Water Cooler) प्रदान किया गया।


अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला

कन्हौली टीओपी परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी और उनकी पत्नी पूजा जोशी शामिल हुईं। इस मौके पर जिले के आला पुलिस अधिकारी, जिनमें सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी, टाउन डीएसपी सुरेश कुमार और एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा प्रमुख थे, भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे बेहद दोस्ताना माहौल में बातचीत की, उनकी पढ़ाई का स्तर जाना और उनका हौसला बढ़ाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


बच्चों को मिले बैंक पासबुकखिले मासूमों के चेहरे

इस भव्य कार्यक्रम का एक सबसे महत्वपूर्ण और अनोखा पल वह था, जब मुख्य अतिथि एसबीआई के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और वित्तीय साक्षरता की नींव रखने के उद्देश्य से उन्हें अपने हाथों से बैंक पासबुक सौंपी। बच्चों के नाम से खोले गए इन बैंक खातों और पासबुक को पाकर मासूमों के चेहरे खिल उठे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती दिनों से ही बचत की आदत डालना और उन्हें मुख्यधारा के समाज के साथ पूरी तरह से जोड़ना है।


सिविल सेवा और बैंकिंग क्षेत्र में नाम रोशन करेंगे बच्चे: अनुराग जोशी

सभा को संबोधित करते हुए चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी ने मुजफ्फरपुर पुलिस की इस 'पुलिस पाठशाला' की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि रेड लाइट एरिया और झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को अपराध और दलदल से निकालकर शिक्षा की मुख्यधारा में लाना एक अत्यंत अनुकरणीय और पवित्र कार्य है। उन्होंने पूर्ण विश्वास और उम्मीद जताते हुए कहा कि इस पाठशाला से बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने वाले ये होनहार बच्चे आने वाले समय में देश के बैंकिंग क्षेत्र के साथ-साथ प्रतिष्ठित सिविल सेवा (UPSC/BPSC) परीक्षाओं में भी अपनी सफलता का परचम लहराएंगे।


समय के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस का यह अनूठा प्रयास अब एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। कन्हौली टीओपी की इस पुलिस पाठशाला में बच्चों को न केवल किताबी ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें नैतिक शिक्षा और समाज में एक सम्मानजनक जीवन जीने के तौर-तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस और एसबीआई के इस संयुक्त प्रयास का स्वागत करते हुए कहा है कि यह मॉडल पूरे बिहार और देश के अन्य हिस्सों के लिए एक बेहतरीन मिसाल है।


मणिभूषण की रिपोर्ट