Bihar News : लॉ प्रेप ट्यूटोरियल के डायरेक्टर अभिषेक गुंजन की दादी महालक्ष्मी देवी का निधन, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी सहित कई लोगों ने जताई शोक संवेदना
Bihar News : शिक्षा जगत में क्लैट से जुड़ी संस्था लॉ प्रेप ट्यूटोरियल के डायरेक्टर अभिषेक गुंजन के परिवार में शोक की लहर दौड़ गयी है। उनकी दादी माँ महालक्ष्मी देवी का निधन हो गया। उन्होंने मुजफ्फरपुर में अंतिम सांस ली।
MUZAFFARPUR : शिक्षा जगत में क्लैट (CLAT) की प्रतिष्ठित संस्था 'लॉ प्रेप ट्यूटोरियल' के डायरेक्टर अभिषेक गुंजन के परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी दादी माँ महालक्ष्मी देवी का मुजफ्फरपुर में अचानक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत, परिजनों और शुभचिंतकों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
दिवंगत महालक्ष्मी देवी अपने पीछे एक अत्यंत समृद्ध और भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके परिवार में उनके तीन पुत्र सुधीर सिंह, सुशील सिंह एवं बरुण सिंह शामिल हैं। इसके साथ ही परिवार के अन्य शोक संतप्त सदस्यों में रंजना सिंह, हिमांशु, भानु, नैंसी, अद्विता सिंह, दर्श, मनाशवी, शिखा, अमित और मासूम सहित पूरा परिवार इस अपूरणीय क्षति से गहरे शोक में डूबा हुआ है।
महालक्ष्मी देवी के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा मुजफ्फरपुर से पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव सिंगाही के लिए रवाना हुई। सिंगाही स्थित नारायणी नदी के तट पर हिंदू रीति-रिवाजों और पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस भावुक क्षण में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, गणमान्य व्यक्ति और शुभचिंतक अंतिम विदाई देने के लिए घाट पर मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्यों ने बताया कि दिवंगत आत्मा की शांति के लिए द्वादशा (श्राद्ध) कार्यक्रम आगामी 26 मई, मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में परिवार के सभी सगे-संबंधी, समाज के लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे। सभी लोग सामूहिक रूप से एकत्रित होकर दिवंगत महालक्ष्मी देवी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे।
लॉ प्रेप ट्यूटोरियल के डायरेक्टर अभिषेक गुंजन के इस पारिवारिक शोक पर देश-प्रदेश के कई शिक्षाविदों, न्यायविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सभी ने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है। लोगों का कहना है कि महालक्ष्मी देवी का जाना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिनकी कमी हमेशा खलेगी।