Bihar Shamshan ghat: श्मशान के साए में शहनाई का सपना,विवाह भवन निर्माण से भड़का विवाद,हवा में जांच के आदेश

Bihar Shamshan ghat: एक अजीबो-गरीब और विवादित स्थिति सामने आई है, जहां श्मशान घाट के बिल्कुल पास विवाह भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।...

Wedding hall near cremation ground
एक तरफ शहनाई,दूसरी तरफ चिता?- फोटो : reporter

Bihar Shamshan ghat: एक अजीबो-गरीब और विवादित स्थिति सामने आई है, जहां श्मशान घाट के बिल्कुल पास विवाह भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। स्थानीय लोगों के विरोध और उच्च अधिकारियों के जांच आदेश के बावजूद निर्माण कार्य थमता नहीं दिख रहा, जिससे प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।मामला मुजफ्फरपुर जिले के मुरौल प्रखंड अंतर्गत खांसपट्टी जगरनाथपुर पंचायत के विशनपुर गांव का है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा निर्माण स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। लोगों का कहना है कि पंचायत में अन्य उपयुक्त सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर श्मशान घाट के पास ही विवाह भवन बनाया जा रहा है, जो सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी दिन विवाह भवन में शादी समारोह चल रहा हो और उसी समय किसी की मृत्यु हो जाए, तो एक तरफ जहां शहनाई बजेगी, वहीं दूसरी तरफ श्मशान में चिता जलेगी ऐसी स्थिति समाज में असहज और विवादित माहौल पैदा कर सकती है।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि यह निर्माण योजना गरीबों के हित में बनाई गई सरकारी परियोजना है, लेकिन इसका क्रियान्वयन सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद स्थल चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

मामले के तूल पकड़ने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार ने मुरौल प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे। लेकिन आरोप है कि आदेश के बावजूद स्थल पर निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी है, जिससे जांच प्रक्रिया की गंभीरता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता, तो यह मुद्दा आगे और बड़ा विवाद बन सकता है। वहीं दूसरी ओर, अधिकारियों की चुप्पी और धीमी कार्रवाई ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

फिलहाल गांव में तनाव और असंतोष का माहौल है, और लोग इस निर्माण स्थल को बदलने की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवादित निर्माण को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है या मामला यूं ही फाइलों में दबा रह जाता है। 

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा