Bihar News : CM नीतीश के काफिले के सामने आई बच्ची, देवदूत बनकर कूदी जांबाज महिला पुलिसकर्मी, मासूम की बचाई जान

Bihar News : नालन्दा में सीएम नीतीश के समृद्धि यात्रा के दौरान बड़ा हादसा टल गया. जहाँ उनके काफिले के बीच एक बच्ची आ गयी. हालाँकि मौके पर तैनात महिला सिपाही की तत्परता से उसकी जान बच गयी.......पढ़िए आगे

Bihar News : CM नीतीश के काफिले के सामने आई बच्ची, देवदूत बन
टला बड़ा हादसा - फोटो : SOCIAL MEDIA

NALANDA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' के दौरान नालंदा में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अपनी ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी की सजगता और अदम्य साहस ने सड़क पार कर रही एक मासूम बच्ची को मौत के मुंह से खींच लिया। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री का काफिला नालंदा कॉलेज से भराव पर नवनिर्मित फ्लाईओवर के उद्घाटन के लिए जा रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला भैंसासुर देवी रांची रोड स्थित देवी स्थान के समीप पहुंचा, अचानक एक छोटी बच्ची दौड़ते हुए सड़क के बीचों-बीच आ गई। उसी दौरान काफिले के साथ चल रही एक एम्बुलेंस बेहद तेज गति से वहां से गुजर रही थी। बच्ची और तेज रफ्तार एम्बुलेंस के बीच की दूरी इतनी कम रह गई थी कि वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं और एक भीषण दुर्घटना की आशंका बन गई।

खतरे को भांपते ही वहां तैनात महिला पुलिसकर्मी ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना सड़क की ओर दौड़ लगा दी। पुलिसकर्मी ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए बच्ची को एम्बुलेंस की चपेट में आने से ठीक पहले अपनी ओर खींच लिया। महिला सिपाही की इस तत्परता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई, बल्कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे में होने वाले एक संभावित बड़े हादसे को भी टाल दिया।

घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने राहत की सांस ली। वहां मौजूद भीड़ ने महिला पुलिसकर्मी के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की और उन्हें 'रियल हीरो' बताया। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि पुलिसकर्मी ने समय रहते यह हिम्मत नहीं दिखाई होती, तो आज एक परिवार की खुशियां उजड़ सकती थीं। लोगों ने उनके जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें ढेर सारी बधाइयां दीं। इस घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी महिला पुलिसकर्मी की बहादुरी की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के बीच मानवीय संवेदना और साहस का यह उदाहरण पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय बन गया है। 

राज की रिपोर्ट