Bihar Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव पर सरकार का बड़ा ऐलान, समय पर होगा मतदान, EVM से चुनाव और नया आरक्षण रोस्टर लागू
Bihar Panchayat Election 2026: बिहार की सियासत में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है।...
Bihar Panchayat Election 2026: बिहार की सियासत में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। मंत्री ने दो-टूक लहजे में कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे और चुनावी अमल में किसी तरह की देरी नहीं होने दी जाएगी। नालंदा में उन्होंने साफ किया कि इस बार पंचायत चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से कराए जाएंगे और कानून के मुताबिक नया आरक्षण रोस्टर भी लागू रहेगा। साथ ही पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाली सरकारी राशि बढ़ाने का भी एलान किया गया है, जिसे ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दरअसल, तीसरे चरण के पदवार आरक्षण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं होने के कारण विपक्ष और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि दिसंबर 2026 तक पंचायत चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है। लेकिन मंत्री दीपक प्रकाश ने इन तमाम आशंकाओं को ख़ारिज करते हुए कहा कि सरकार चुनाव आयोग के साथ समन्वय बनाकर पूरी तैयारी में जुटी है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपने तय वक़्त पर पूरी होगी।
आरक्षण रोस्टर के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पिछला रोस्टर लागू हुए 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। कानूनी प्रावधान के मुताबिक दस साल बाद नया आरक्षण रोस्टर लागू करना अनिवार्य है। इसलिए वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव में नया रोस्टर प्रभावी रहेगा। सरकार का दावा है कि इससे सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व के सिद्धांत को और मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि पंचायतों को विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उनका कहना है कि मजबूत पंचायतें ही मज़बूत गांव और विकसित बिहार की बुनियाद हैं। विकास फंड बढ़ने से सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को रफ़्तार मिलेगी।बता दें कि बिहार में पंचायती राज व्यवस्था के तहत मुखिया के 8,053, वार्ड सदस्य के 1,09,635, सरपंच के 8,053, पंच के 1,09,635, पंचायत समिति सदस्य के 11,085 तथा जिला परिषद सदस्य के 1,160 पदों पर चुनाव होना है। लाखों उम्मीदवारों और करोड़ों मतदाताओं से जुड़े इस चुनाव को लेकर अब सियासी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सरकार का संदेश साफ है—इंतिख़ाब भी वक़्त पर होगा और पंचायतों के विकास का ख़ज़ाना भी पहले से ज़्यादा मिलेगा।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय