Bihar Politics : 'अपराधी किसी भी रंग का कपड़ा पहने, कानून तोड़ेगा तो होगी सख्त कार्रवाई', मंत्री श्रवण कुमार का विपक्ष पर तीखा हमला
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने हरा गमछा विवाद पर कहा कि अपराधी चाहे हरा गमछा पहने या किसी भी रंग का कपड़ा, वह कानून तोड़ेगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।
NALANDA : सूचना एवं जन-सम्पर्क तथा ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने महागठबंधन द्वारा उठाए जा रहे कथित 'हरा गमछा एनकाउंटर विवाद' पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में संदेश देते हुए कहा कि अपराधी चाहे हरा गमछा पहने या किसी भी अन्य रंग का कपड़ा, अगर वह कानून हाथ में लेगा और पुलिस पर हमला करेगा, तो उसके खिलाफ कानून सम्मत सख्त कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। अपराधी की कोई जाति या विशेष पोशाक उसे कानून से नहीं बचा सकती।
बिहारशरीफ प्रखंड कार्यालय में आपदा पीड़ितों के बीच चेक वितरण के दौरान कही बात
मंत्री ने ये बातें बिहारशरीफ के प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कहीं। वे यहाँ आपदा पीड़ित परिवारों के बीच आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि के चेक का वितरण करने पहुंचे थे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उनके साथ क्षेत्रीय प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
नीतीश कुमार के कार्यकाल में न किसी को फंसाया जाता है, न बचाया जाता है: श्रवण कुमार
विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में कानून का राज है। उन्होंने याद दिलाया कि कानून अपने हाथ में लेने, मासूमों की हत्या करने और पुलिस पर हमला करने वाले दुस्साहसी अपराधियों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूरे कार्यकाल में हमेशा बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई होती आई है और यह जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।
अपराधियों पर एक्शन से किसी को दर्द होता है, तो सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता
मंत्री श्रवण कुमार ने महागठबंधन के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वाले ऐसे दुर्दांत अपराधियों पर पुलिसिया कार्रवाई होने से यदि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष को परेशानी होती है, तो इससे सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार का मुख्य काम आम जनता को सुरक्षा देना है, अपराधियों को संरक्षण देना नहीं।