जमीन विवाद में हैवानियत : चाचा-भतीजे के बंटवारे में गौशाला को फूंका, कई मवेशी झुलसे
नवादा जिले से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक विवाद का खामियाजा बेजुबान जानवरों को भुगतना पड़ा है। दरअसल चाचा-भतीजे के विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के गौशाला में आग लगा दी। जिसमें कई जानवर बुरी तरह झुलस गए....
Nawada : जिले से आपसी रंजिश और हैवानियत का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटघर गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चाचा और भतीजे के बीच चल रहा पुराना विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। बात इतनी बढ़ गई कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की गौशाला को आग के हवाले कर दिया, जिसमें कई बेकसूर जानवर बुरी तरह झुलस गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है।
मारपीट में तीन लोग गंभीर रूप से घायल
गौशाला में आगजनी के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट भी हुई। इस हिंसक झड़प में चाचा विनोद सिंह, लक्ष्मी देवी और फ्रूटी कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक दो लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायल परिवार ने सीधे तौर पर भतीजे मुरारी सिंह और उसके साथियों पर मारपीट करने और जानबूझकर गौशाला में आग लगाने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था और पहले भी इनके बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।
थानेदार पर लापरवाही का आरोप, 10 बार फोन करने पर भी नहीं उठा कॉल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय सीतामढ़ी थाना पुलिस पर लापरवाही के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अस्पताल में अपने माता-पिता का इलाज करा रही पीड़िता फ्रूटी कुमारी ने रोते हुए पत्रकारों को बताया कि "जब गौशाला धू-धू कर जल रही थी और हमारे माता-पिता को पीटा जा रहा था, तब हमने मदद के लिए थाना प्रभारी के सरकारी नंबर पर कम से कम 10 बार फोन किया। लेकिन थाना प्रभारी ने एक बार भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस से कोई मदद नहीं मिली। लंबे इंतजार और पुलिस की बेरुखी के बाद, पीड़ित परिवार ने आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दी, जिसके बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
थाने से निराश होकर एसपी के व्हाट्सएप पर भेजा वीडियो
स्थानीय पुलिस से कोई मदद न मिलने और थाना प्रभारी पप्पू शर्मा द्वारा फोन न उठाने से निराश होकर पीड़ितों ने सीधे जिले के कप्तान का दरवाजा खटखटाया। घायलों ने घटनास्थल और अपनी आपबीती का वीडियो बनाकर नवादा के पुलिस अधीक्षक (SP) के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया और न्याय की गुहार लगाई। गौरतलब है कि नवादा एसपी लगातार अपनी क्राइम मीटिंग्स में मातहतों को सख्त निर्देश देते रहे हैं कि जनता की सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसे में इस घटना ने सीधे तौर पर एसपी के दावों और निर्देशों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
आवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई: थाना प्रभारी
इस पूरे मामले और लापरवाही के आरोपों पर जब सीतामढ़ी थाना प्रभारी पप्पू शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर मारपीट की बात सामने आई है। उन्होंने फोन न उठाने के आरोप पर सीधे तौर पर कुछ न कहते हुए यह दलील दी कि अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही मामले की गहन जांच की जाएगी, आगजनी की वजहों का पता लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट