वायु सेना जवान संजय कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, पैतृक गांव में उमड़ा जनसैलाब

नवादा जिले के सिरदला प्रखंड के लिए सोमवार का दिन बेहद भावुक रहा, जब भारतीय वायु सेना के जांबाज जवान संजय कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुँचा। सैन्य सम्मान और नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।

वायु सेना जवान संजय कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्क

Nawada - : नवादा जिले के सिरदला प्रखंड अंतर्गत लौंद चमोथा हाट निवासी वायु सेना के जवान संजय कुमार का पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया। सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

इलाज के दौरान पटना में तोड़ा दम


वायु सेना के जवान संजय कुमार बीते 18 फरवरी को छुट्टी पर अपने घर आए थे। इसी दौरान 25 फरवरी को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तुरंत गया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। पटना में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

20 वर्षों तक देश की सेवा, बेंगलुरु में थे तैनात


स्वर्गीय अनिल पंडित के पुत्र संजय कुमार वर्ष 2004 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती बेंगलुरु में थी। वे अपने पीछे पत्नी सिंपी कुमारी, एक 13 वर्षीय पुत्र और एक 8 वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं। ग्रामीणों ने उन्हें एक अत्यंत कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व वाला जवान बताया, जो हमेशा गांव के विकास और युवाओं के भविष्य के प्रति सजग रहते थे।

बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से पहुँची टीम, दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर'


जवान का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर जब गांव पहुँचा, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से वायु सेना के अधिकारियों और जवानों का तीन गाड़ियों का काफिला पहुँचा। सैन्य परंपरा के अनुसार जवानों ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। बिगुल की मातमी धुन के बीच वायु सेना के जांबाजों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी।

धनारजय नदी तट पर हुआ अंतिम संस्कार


शहीद जवान संजय कुमार का अंतिम संस्कार क्षेत्र के बड़गांव स्थित धनारजय नदी तट पर किया गया। अंतिम यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। "भारत माता की जय" और "संजय कुमार अमर रहें" के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा। वायु सेना की दो टीमों ने उनकी पत्नी को 25 हजार रुपये की तत्कालिक नकद सहायता राशि प्रदान की और भविष्य में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कर्तव्यनिष्ठा और सेवा को किया गया याद

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने नम आंखों से पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने कहा कि संजय कुमार का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे नवादा जिले और देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके अदम्य साहस और देश के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।

Report - aman sinha