नवादा के दृष्टिबाधित रविराज ने रचा इतिहास: पहले ही प्रयास में UPSC में हासिल की 20वीं रैंक
नवादा के महुली गांव निवासी दृष्टिबाधित रविराज ने यूपीएससी में 20वीं रैंक लाकर देश भर में जिले का नाम रोशन किया है। किसान के बेटे रविराज ने पहले प्रयास में ही यह बड़ी सफलता प्राप्त की।
Patna - अपनी आँखों की रोशनी खोने के बावजूद, लक्ष्य की स्पष्ट दृष्टि रखने वाले नवादा के रविराज ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल कर मिसाल पेश की है। जिले के अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव के रहने वाले रविराज ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो शारीरिक अक्षमता भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।
किसान के बेटे ने पेश की मेहनत की मिसाल
एक साधारण किसान परिवार से आने वाले रविराज की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। उनके पिता रंजन कुमार सिन्हा और माता विभा सिन्हा अपने बेटे की इस ऐतिहासिक जीत पर फूले नहीं समा रहे हैं। रविराज ने फोन पर अपनी 20वीं रैंक की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई की और अपने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।
BPSC टॉपर से UPSC स्टार तक का सफर
रविराज की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इससे पहले BPSC परीक्षा में भी सफल रहे थे। वे वर्तमान में राजस्व अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिला टॉपर रह चुके हैं। उनके संघर्षों को याद करते हुए उनकी माँ भावुक हो गईं और बताया कि यह सफलता रविराज के वर्षों के तप का फल है।
शिक्षा का आधार: नवादा से ही की पूरी पढ़ाई
रविराज ने अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही सफलता की इबारत लिखी:
प्रारंभिक शिक्षा: दयाल पब्लिक स्कूल।
इंटरमीडिएट: सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल।
स्नातक: सीताराम साहू कॉलेज से राजनीति विज्ञान (Political Science) में डिग्री हासिल की।
-
पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल
यह नवादा के लिए गौरवशाली पल है क्योंकि यह पहला अवसर है जब इस क्षेत्र के किसी छात्र ने यूपीएससी में इतनी ऊँची रैंक प्राप्त की है। वर्तमान में वे नवीन नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं, जहाँ उनकी सफलता की खबर मिलते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया है।
Report - aman sinha