22 साल में UPSC क्रैक, अब बाहुबलियों के गढ़ में SDM बनीं कृष्णा जोशी, अनंत सिंह-सूरजभान के इलाके की कमान
महज 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने वाली कृष्णा जोशी बाढ़ में SDM के रूप में प्रशासनिक कमान संभालेंगी, जिसे बिहार की सियासत में बाहुबलियों के प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है।
Bihar IAS Transfer : बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 23 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में युवा आईएएस अधिकारी कृष्णा जोशी का नाम भी शामिल है। उन्हें अब बाढ़ का अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बनाया गया है। कृष्णा जोशी की नई पोस्टिंग इसलिए खास चर्चा में है, क्योंकि बाढ़-मोकामा का इलाका लंबे समय से बाहुबल और दबंग राजनीति के लिए सुर्खियों में रहा है।

महज 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने वाली कृष्णा जोशी अब ऐसे इलाके की प्रशासनिक कमान संभालेंगी, जिसे बिहार की सियासत में बाहुबलियों के प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है। बाढ़-मोकामा क्षेत्र का नाम लेते ही अनंत सिंह, सूरजभान सिंह और कई अन्य चर्चित राजनीतिक चेहरों का जिक्र होता रहा है। ऐसे में एक युवा महिला आईएएस अधिकारी की इस इलाके में पोस्टिंग को लेकर लोगों की नजरें अब उन पर टिक गई हैं।

पहले प्रयास में ही UPSC में 73वीं रैंक
राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली कृष्णा जोशी ने बेहद कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 2023 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर 73वीं रैंक हासिल की। उनकी सफलता ने उन्हें युवाओं के बीच प्रेरणा का स्रोत बना दिया। कृष्णा जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर में स्नातक की पढ़ाई की।

उन्हें पॉलिटिकल साइंस में विशेष रुचि थी और उन्होंने UPSC की तैयारी के दौरान इसे अपना वैकल्पिक विषय चुना। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर उन्होंने साबित किया कि कम उम्र में भी मजबूत इरादे और सही रणनीति के साथ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास किया जा सकता है।

बिहार कैडर मिलने के बाद 2025 में हुई पहली पोस्टिंग
UPSC परीक्षा में सफलता के बाद आईएएस ट्रेनिंग पूरी करने के पश्चात कृष्णा जोशी को बिहार कैडर मिला। वर्ष 2025 में उन्हें नालंदा जिले में सहायक कलेक्टर के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। वहां काम करने के बाद अब सरकार ने उन्हें बाढ़ का SDM बनाया है। कृष्णा जोशी अपनी कम उम्र, प्रशासनिक जिम्मेदारी और UPSC में पहले ही प्रयास में मिली सफलता को लेकर पहले से ही चर्चा में रही हैं। अब बाढ़ जैसे महत्वपूर्ण अनुमंडल की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी नई भूमिका पर सबकी निगाहें रहेंगी।
बाढ़-मोकामा में नई चुनौती
बाढ़ और मोकामा का इलाका बिहार की राजनीति में काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां कई ऐसे नेता और स्थानीय प्रभावशाली चेहरे रहे हैं, जिनका नाम समय-समय पर बाहुबल और आपराधिक मामलों की चर्चाओं से जुड़ता रहा है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह, पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, उनके सियासी प्रतिद्वंद्वी रहे ललन सिंह, बाढ़ से चुनाव लड़ चुके लल्लू मुखिया, पंडारक के भोला सिंह और पचमहला के सोनू-मोनू जैसे नाम इस क्षेत्र की सियासी चर्चाओं में आते रहे हैं।
रविशंकर की रिपोर्ट