Bihar News : बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान के 6 साल बेमिसाल, 1.40 लाख जलस्रोतों का हुआ कायाकल्प
Bihar News : बिहार में जल जीवन हरियाली अभियान के 6 साल पूरा हो चुके हैं. इसके तहत 1.40 लाख जलस्रोतों का कायाकल्प किया गया है......पढ़िए आगे
PATNA : कभी जल संकट और सूखते जलस्रोतों की पहचान रहा बिहार आज जल संरक्षण की दिशा में देश के लिए मिसाल बनता जा रहा है। बीते छह वर्षों में राज्य में 1.40 लाख से अधिक जल संचय संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया गया है, जबकि 73 हजार से ज्यादा नए जलस्रोतों का निर्माण हुआ है। यह बदलाव सिर्फ सरकारी योजनाओं का नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का परिणाम है। जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर गर्दनीबाग स्थित बापू टॉवर सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि “प्रकृति ही जीवन का आधार है। यदि प्रकृति सुरक्षित नहीं होगी, तो सांस लेने की कल्पना भी बेमानी हो जाएगी।” उन्होंने लोगों से अपील की कि तीज-त्योहारों, बच्चों और माता-पिता के जन्मदिन जैसे अवसरों पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।
जलवायु परिवर्तन से लड़ने का साझा संकल्प
मंत्री ने बताया कि जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाकर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में गहन मंथन कराया। इसके बाद जल-जीवन-हरियाली मिशन पर सर्वसम्मति बनी और बिहार में ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें एक करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लेकर दुनिया को यह संदेश दिया कि बिहार जलवायु परिवर्तन के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार है।
2019 से शुरू हुआ अभियान, दिखने लगे बड़े परिणाम
महात्मा गांधी की जयंती पर वर्ष 2019 में शुरू हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत तालाब, कुआं, आहर, पईन और पोखरों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और नव निर्माण बड़े पैमाने पर किया गया। अब तक 13 हजार से अधिक चेक डैम, 14 हजार से ज्यादा सरकारी भवनों पर वर्षा जल संचयन संरचनाएं, और 21 करोड़ पौधारोपण जैसे कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन प्रयासों ने भूगर्भ जलस्तर को रिचार्ज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जीविका दीदियां बनीं अभियान की मजबूत कड़ी
इस मिशन की सफलता में जीविका दीदियों की भूमिका भी अहम रही है। उनके द्वारा संचालित पौधशालाएं न केवल हरियाली बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आजीविका का सशक्त माध्यम भी प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम के अंत में अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाली जीविका दीदियों को मंत्री श्रवण कुमार ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बना बिहार
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए इन कार्यों के लिए बिहार को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। राज्य में बनाए गए चेक डैम आज दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन चुके हैं। उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि पर्यावरण सुरक्षा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
जल संचयन को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली राज्य सरकार की उन चुनिंदा योजनाओं में है, जिसने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी की स्वराज परिकल्पना से जोड़ते हुए कहा कि जल संरक्षण के बिना आत्मनिर्भर समाज की कल्पना अधूरी है। छह वर्षों में हुए ये प्रयास इस बात का संकेत हैं कि यदि नीति, इच्छाशक्ति और जनसहभागिता एक साथ आए, तो जल संकट जैसी बड़ी चुनौती से भी प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। जल-जीवन-हरियाली अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि बिहार की नई पहचान बन चुका है।