Bihar land registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री में कैश लेनदेन पर आयकर विभाग सख्त, 11 जिलों के 57 सब-रजिस्ट्रार को नोटिस

Bihar land registry: आयकर विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में जमीन रजिस्ट्री के समय कैश लेनदेन का चलन बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है।

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बिहार में जमीन रजिस्ट्री से जुड़ा बड़ा अपडेट!- फोटो : social media

Bihar land registry:  बिहार में जमीन रजिस्ट्री के दौरान बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के जरिए कालेधन खपाने की आशंका को देखते हुए आयकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के 11 जिलों में स्थित 57 निबंधन कार्यालयों के सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कार्रवाई से निबंधन विभाग में हड़कंप मच गया है।

दो लाख से अधिक कैश लेनदेन की देनी होगी जानकारी

आयकर विभाग की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जमीन रजिस्ट्री के दौरान दो लाख रुपये से अधिक की नकद राशि का लेनदेन होने पर उसकी पूरी जानकारी तुरंत साझा करनी होगी। नोटिस दानापुर, पटना सदर, फुलवारीशरीफ, विक्रम, पटना सिटी और बिहटा सहित कई सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को भेजा गया है।

उत्तर बिहार में कैश रजिस्ट्री का चलन बना चिंता का विषय

आयकर विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में जमीन रजिस्ट्री के समय कैश लेनदेन का चलन बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है। अनुमान है कि लगभग 95 प्रतिशत जमीन रजिस्ट्रियां नकद भुगतान के जरिए की जा रही हैं। इससे न सिर्फ कालेधन के इस्तेमाल की आशंका बढ़ी है, बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट और आयकर नियमों का भी उल्लंघन माना जा रहा है।

पैन कार्ड और फॉर्म-60 की अनदेखी उजागर

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई जमीन सौदों में पैन कार्ड और फॉर्म-60 से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें फॉर्म-60 भरना जरूरी होता है, लेकिन कई मामलों में बिना पैन और फॉर्म-60 के ही रजिस्ट्री कर दी गई।

गलत पैन नंबर से हो रही रजिस्ट्री

आयकर विभाग ने यह भी पाया है कि कुछ लोग जानबूझकर गलत पैन नंबर दर्ज कर जमीन का निबंधन करा रहे हैं, ताकि लेनदेन आयकर विभाग की निगरानी से बाहर रहे। इस तरीके से कालेधन को वैध बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जा रहा है।

57 सब-रजिस्ट्रार से मांगा गया स्पष्टीकरण

इन सभी गड़बड़ियों को देखते हुए आयकर विभाग ने मुजफ्फरपुर, पारू, कटरा, कांटी, मोतीपुर समेत 11 जिलों के 57 सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था पर बढ़ी सख्ती

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर सख्ती बढ़ने के आसार हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कैश लेनदेन पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि कालेधन पर लगाम लगाई जा सके।