Shambhu Girls Hostel: बिहार में दरिंदगी के बाद सख़्त पहरा, शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड से हिली सरकार, महिला आश्रय गृहों पर चलेगा कानून का डंडा

Shambhu Girls Hostel:नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत ने सत्ता, सिस्टम और सुरक्षा की नींद उड़ा दी है। पूरे सूबे में संचालित महिला व बालिका छात्रावास, आवासन गृह और आश्रय गृह कानून की पैनी निगाह के नीचे लाए जाएंगे।

After Hostel Horror Govt Tightens Watch SIT Cracks Down on S
बिहार में दरिंदगी के बाद सख़्त पहरा- फोटो : reporter

Shambhu Girls Hostel:पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत ने सत्ता, सिस्टम और सुरक्षा तीनों की नींद उड़ा दी है। इस सनसनीखेज़ वारदात के बाद बिहार सरकार और न्यायिक व्यवस्था हरकत में आ गई है। अब पूरे सूबे में संचालित महिला व बालिका छात्रावास, आवासन गृह और आश्रय गृह कानून की पैनी निगाह के नीचे लाए जाएंगे। बिहार के महाधिवक्ता कार्यालय ने मुख्य सचिव, डीजीपी, नौ प्रमंडलों के आयुक्तों के साथ पटना के डीएम और एसपी को पत्र भेजकर सख़्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

महाधिवक्ता कार्यालय के आदेश में साफ़ कहा गया है कि सभी जिलों में महिला-बालिका हॉस्टल, छात्रावास और आश्रय गृहों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। इसके बाद महिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में महिला पुलिस अफ़सरों की विशेष टीम बनाकर भौतिक जांच होगी। सुरक्षा इंतज़ाम, प्रवेश-निकास, सीसीटीवी, रजिस्टर, वार्डन की भूमिका और रह रही छात्राओं की हिफ़ाज़त हर पहलू को कंघी से छाना जाएगा। कहीं भी अनियमितता, लापरवाही या क़ानून का उल्लंघन मिला, तो संचालकों और ज़िम्मेदार अफ़सरों पर तत्काल कार्रवाई तय है। सरकार का दो टूक संदेश है महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।

इधर, मुन्नाचक इलाके का शंभू गर्ल्स हॉस्टल पुलिसिया तफ्तीश के सबसे सख़्त घेरे में है। गुरुवार को SIT ने हॉस्टल संचालक और मालिक से जुड़े छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ की। सिटी एसपी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक के बाद जांच को धार देने के लिए SIT का विस्तार किया गया-एक आईपीएस और CID अफ़सर की एंट्री के साथ टीम 30 से बढ़कर 50 की हो गई।

सूत्र बताते हैं कि हॉस्टल संचालिका और उसके बेटे से भी रात की गतिविधियों, आवाजाही और भीतर के हालात पर गहन सवाल-जवाब हुए। जांच अब पटना तक सीमित नहीं; जहानाबाद तक दबिश और पूछताछ जारी है। बचे संदिग्धों के डीएनए सैंपल जुटाए जा रहे हैं ताकि फॉरेंसिक सबूतों से सच बेनक़ाब हो।

बुधवार को SIT ने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव में छापा मारा। परिजनों-पड़ोसियों से पूछताछ हुई और कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए—जिनमें लेन-देन और कॉलिंग पैटर्न से जुड़े सुराग होने की आशंका है। एफएसएल रिपोर्ट में कपड़ों पर स्पर्म मिलने की पुष्टि ने केस की दिशा बदल दी है। अब सवाल एक ही—स्पर्म किसका? जवाब तलाशने के लिए परिजनों समेत करीब 40 लोगों के डीएनए सैंपल जुटाए जा रहे हैं। बिसरा रिपोर्ट और एम्स के सेकेंड ओपिनियन का इंतज़ार है। पुलिस का दावा है—जैसे-जैसे रिपोर्ट आएंगी, हॉस्टल की दीवारों में छिपे राज़ बाहर आएंगे और दरिंदगी के गुनहगार बेनक़ाब होंगे।