Rohini Acharya: लालू कुनबे की कलह के बीच सुकून की खबर, रोहिणी आचार्या के पोस्ट से छंटे मायूसी के बादल, तेजप्रताप यादव ने दीं दुआएं

Rohini Acharya: बिहार की सियासत के सबसे कद्दावर और अजीम घराने, यानी लालू परिवार के लिए पिछला कुछ वक्त किसी आजमाइश से कम नहीं रहा है।

Amid Lalu Family Rift Relief as Rohini s Son Joins the Army
लालू कुनबे की कलह के बीच सुकून की खबर- फोटो : X

Rohini Acharya: बिहार की सियासत के सबसे कद्दावर और अजीम घराने, यानी लालू परिवार के लिए पिछला कुछ वक्त किसी आजमाइश से कम नहीं रहा है। जिस आंगन में कभी एकता की मिसाल दी जाती थी, वहां हाल के दिनों में तल्खी और इख्तिलाफ (मतभेद) की ऐसी आंधियां चलीं कि परिवार के रिश्तों की दीवारें दरकती नजर आईं। लेकिन इस बीच, लालू प्रसाद यादव की लाडली बेटी रोहिणी आचार्य के घर से आई एक खबर ने मायूसी के बादलों को छांटने का काम किया है।

बिहार विधानसभा चुनाव की करारी शिकस्त के बाद राजद के इस कुनबे में जो घमासान मचा, उसने सियासी गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं। रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपने पिता को अपनी किडनी दान कर फर्ज की नई इबारत लिखी थी, उन्होंने ही तेजस्वी यादव और उनके करीबियों पर तौहीन (अपमान) के गंभीर आरोप मढ़े थे। रोहिणी का दर्द सार्वजनिक हुआ था कि कैसे 10, सर्कुलर रोड के आवास पर उन पर चप्पल से हमला किया गया और उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने पार्टी की हार के लिए तेजस्वी के करीबियों—संजय यादव और रमीज नीमत को जिम्मेदार ठहराते हुए राजनीति से तौबा करने तक का ऐलान कर दिया था।

तमाम निजी रंजिशों और सियासी उतार-चढ़ाव के बीच रोहिणी के लिए एक मां के तौर पर यह सबसे बड़ा खुशी का मौका है। उनका बड़ा बेटा आदित्य, अपनी प्री-यूनिवर्सिटी की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद 18 साल की उम्र में 2 साल के बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण के लिए रवाना हो गया है।

रोहिणी ने जज्बाती होकर सोशल मीडिया पर लिखा-"आज मेरा दिल गर्व से भरा है। आदित्य, तुम बहादुर और अनुशासित हो। याद रखना, जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों में ही योद्धा बनते हैं।"

दिलचस्प बात यह है कि इस मौके पर रोहिणी के भाई तेजप्रताप यादव ने भी उनकी पोस्ट को रिट्वीट कर भांजे को दुआएं दीं। राजनीति के शतरंज पर भले ही यह परिवार बिखरा हुआ दिखे, लेकिन औलाद की कामयाबी पर भाई-बहन का यह साथ एक नई उम्मीद जगाता है।

जहां एक ओर बिहार की सियासत में राजद 25 सीटों पर सिमट जाने का गम मना रही है और परिवार अंदरूनी कलह से जूझ रहा है, वहीं रोहिणी के बेटे का सेना की ट्रेनिंग के लिए जाना इस घराने के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है। क्या आदित्य की यह कामयाबी लालू परिवार के बीच जमी बर्फ को पिघलाने का जरिया बनेगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।