CJP Protest: सोनम वांगचुक ने किन शर्तों पर तोड़ा 26 दिन का अनशन? वीडियो जारी कर कहा- ‘26 दिन बाद खाने का स्वाद अच्छा लगता है’

CJP Protest: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के मंत्रियों और कई सांसदों ने उनसे मुलाकात कर उनकी मांगों पर गंभीर चर्चा का भरोसा दिया है।

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CJP Protest: सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल खत्म करने के बाद अब सरकार से जवाबदेही मांगी जाएगी। शुक्रवार (24 जुलाई) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद भी उनसे मिलने पहुंचे थे। इन सांसदों ने लिखित रूप से हस्ताक्षर कर उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की थी।

वांगचुक के अनुसार, सांसदों ने भरोसा दिलाया है कि वे नीट पेपर लीक मामले, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी और छात्रों की चिंताओं को सामने रखा जाएगा। सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्र सरकार के मंत्रियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 20 मार्च को संसद चलो मार्च के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा।

सरकार ने वांगचुक को दिया आश्वासन

वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया है कि हाल ही में नीट परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इस बीच सोनम वांगचुक की तबीयत को देखते हुए उन्हें पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल भेजा जाए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने किया था सुनवाई

इस मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगातार निगरानी जरूरी है। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा।