अनंत सिंह पर कार्रवाई करेंगे नीतीश कुमार ! संजय झा-विजेंद्र यादव संग हुई बैठक, एमएलसी चुनाव में नीरज का विरोध कर रहे मोकामा विधायक
जदयू ने इस सीट से अपने मौजूदा एमएलसी, मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी के बजाय अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है।
Bihar MLC Elelction : पटना स्नातक सीट के एमएलसी चुनाव ने जदयू के भीतर चल रहे मतभेद को अब पार्टी नेतृत्व के दरवाजे तक पहुंचा दिया है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह के लगातार पार्टी लाइन से अलग खड़े होने और अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ सक्रिय होने को लेकर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर करीब तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव मौजूद रहे।
बैठक खत्म होने के बाद दोनों नेता आवास से बाहर निकले, लेकिन मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। बैठक में क्या चर्चा हुई और अनंत सिंह के मामले में पार्टी नेतृत्व ने क्या फैसला लिया, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 8 एमएलसी सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर जदयू में सबसे बड़ी खींचतान पटना सीट पर बनी हुई है।
पार्टी के खिलाफ अनंत सिंह
विवाद की जड़ पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद चुनाव है। जदयू ने इस सीट से अपने मौजूदा एमएलसी, मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह ने जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी के बजाय अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है। इतना ही नहीं, वह अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी मौजूद रहे और चुनावी मैदान में उनके पक्ष में सक्रिय होने की बात कह चुके हैं। यानी जिस चुनाव में जदयू अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए संगठन को सक्रिय कर रहा है, उसी चुनाव में पार्टी का एक मौजूदा विधायक खुले तौर पर उसके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
यही वजह है कि अनंत सिंह का रुख जदयू के लिए महज व्यक्तिगत मतभेद का मामला नहीं रह गया है। यह सीधे तौर पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार और पार्टी लाइन से जुड़ा सवाल बन गया है।
पहले भी आमने-सामने बैठाए गए थे अनंत और नीरज
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को शांत कराने के लिए कुछ दिन पहले दोनों नेताओं को पार्टी स्तर पर एक साथ बैठाकर बातचीत भी कराई गई थी। उस समय माना गया था कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन बैठक के बाद अनंत सिंह फिर अपने पुराने रुख पर लौट आए और अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सक्रिय हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने जदयू नेतृत्व के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ खुलकर खड़े अपने ही विधायक को लेकर संगठन का अगला कदम क्या होगा?
कार्रवाई क्यों नहीं? नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल
अनंत सिंह लगातार सार्वजनिक तौर पर अनुज सिंह के समर्थन में दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या स्पष्ट संगठनात्मक निर्देश की जानकारी सामने नहीं आई है। यही चुप्पी अब पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन रही है। गुरुवार की बैठक को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब तीन घंटे तक नीतीश कुमार के आवास पर चली बैठक में संजय झा और विजेंद्र यादव की मौजूदगी और उसके बाद दोनों नेताओं का बिना कोई बयान दिए निकल जाना कई सवाल छोड़ गया है।
क्या पार्टी नेतृत्व अनंत सिंह के रुख को लेकर कोई सख्त फैसला लेने जा रहा है? क्या दोनों पक्षों के बीच फिर से समझौते की कोशिश होगी? या फिर पार्टी इस पूरे विवाद को फिलहाल चुनाव तक टालने के रास्ते पर है? बैठक के बाद इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
पटना स्नातक सीट पर बढ़ता सियासी तनाव
पटना स्नातक सीट पर अब चुनावी मुकाबले के साथ जदयू के भीतर की खींचतान भी चर्चा के केंद्र में है। एक ओर 3 बार के एमएलसी नीरज कुमार पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, तो दूसरी ओर पार्टी विधायक अनंत सिंह जन सुराज के अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर मैदान में हैं। अब निगाह इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व अनंत सिंह के लगातार बदलते नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से पार्टी उम्मीदवार के विरोध वाले रुख पर क्या कदम उठाता है।
अभिजीत की रिपोर्ट