Bihar Bakrid Celebration: पटना से नालंदा तक विशेष इंतजामों के बीच अदा हुई नमाज, सीएम सम्राट चौधरी ने दी ईद-उल-जोहा की शुभकामनाएं

Bihar Bakrid Celebration: बिहार में ईद-उल-जोहा (बकरीद) के मौके पर पूरे शहर में अमन, सुकून और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

Bakrid Prayers Held Peacefully Across Patna and Nalanda Amid
पटना से नालंदा तक विशेष इंतजामों के बीच अदा हुई नमाज- फोटो : reporter

 Bihar Bakrid Celebration: बिहार में ईद-उल-जोहा (बकरीद) के मौके पर पूरे शहर में अमन, सुकून और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा।सबसे अहम आयोजन पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज़ अदा की। मैदान को सुरक्षा घेरे में लिया गया था और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दीं और लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

पटना के गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए थे। बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमें लगातार जांच में जुटी रहीं, जबकि CCTV कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही थी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। बिहटा और पालीगंज में एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह-ए-मुजिबिया में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज़ अदा की। स्थानीय विधायक श्याम रजक भी मौके पर पहुंचे और लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी। वहीं फतुहा के रायपुरा ईदगाह में भी भारी भीड़ उमड़ी, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने नमाज़ अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं।

इसी तरह नालंदा जिले में ईद-उल-अजहा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ियों की कतारें लग गईं। नमाज़ के बाद लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।बिहारशरीफ की बड़ी दरगाह, शाही जामा मस्जिद और अन्य इलाकों में सामूहिक नमाज़ के बाद भाईचारे और शांति का संदेश दिया गया। धार्मिक गुरुओं ने कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और इंसानियत का पैग़ाम देती है।

बच्चों में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चे ईदगाहों में खुशी से झूमते नजर आए। नमाज़ के बाद परंपरा के अनुसार कुर्बानी दी गई और उसका मांस जरूरतमंदों में बांटा गया, जिससे समाज में सहयोग और साझा भावनाओं का संदेश मजबूत हुआ। कुल मिलाकर, सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच यह पर्व शांति, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मजबूत मिसाल बनकर सामने आया।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय