Bihar Politics: बांकीपुर उपचुनाव में सियासी संग्राम तेज , भाई वीरेंद्र का दावा- विपक्ष एकजुट हुआ तो भाजपा की किलेबंदी होगी ध्वस्त, NDA में भी नहीं है सब कुछ ठीक

Bihar Politics: राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। ...

 RJD MLA Bhai Virendra
बांकीपुर उपचुनाव में सियासी संग्राम तेज- फोटो : reporter

Bihar Politics: राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है, क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की प्रतिष्ठा इस चुनाव से जुड़ी हुई है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि सत्ता पक्ष पूरी ताकत और सरकारी मशीनरी के साथ चुनावी मैदान में उतर रहा है।

राजद विधायक ने तमाम विपक्षी दलों से एक बार फिर एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि अगर सभी विपक्षी दल मिल बैठकर बातचीत करें और एक साझा उम्मीदवार मैदान में उतारें तो भाजपा को करारी शिकस्त दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोटों का बिखराव होगा और इसका फायदा भाजपा को मिलेगा।

उन्होंने विपक्षी दलों से दो टूक अंदाज में कहा कि अभी भी वक्त है कि आपसी मतभेद भुलाकर एक उम्मीदवार पर सहमति बनाई जाए। अगर सभी विपक्षी ताकतें एक मंच पर आकर चुनाव लड़ती हैं और भाजपा को मात देती हैं तो इसका संदेश पूरे देश में जाएगा कि लोकतंत्र में विपक्ष की एकजुट ताकत अभी कायम है।NDA की बैठक को लेकर भी भाई वीरेंद्र ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी दल अपनी-अपनी बैठकें कर रहे हैं, लेकिन अंदरखाने सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि NDA में भी खींचतान दिखाई दे रही है।

उन्होंने दोनों नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग संविधान बचाने की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने राजनीतिक आचरण को देखना चाहिए। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए कुछ नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं और उन्हें दलितों तथा अति पिछड़ों की वास्तविक चिंता नहीं है।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेता जनता के मुद्दों से ज्यादा अपने परिवार और रिश्तेदारों की राजनीति को मजबूत करने में लगे रहते हैं। अब देखना होगा कि बांकीपुर उपचुनाव में विपक्ष की एकजुटता का यह सियासी दांव कितना असर दिखाता है और जनता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह