Patna News: पटना में बिना सूचना नहीं लगेंगे होर्डिंग-पोस्टर, निगम का सख्त फरमान, नियम तोड़ने वालों पर लगेगा इतना जुर्माना

Patna News: पटना को अवैध होर्डिंग, पोस्टर और विज्ञापनों से मुक्त कर सुव्यवस्थित एवं आकर्षक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है।...

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पटना में बिना सूचना नहीं लगेंगे होर्डिंग-पोस्टर- फोटो : social Media

Patna News:  पटना को अवैध होर्डिंग, पोस्टर और विज्ञापनों से मुक्त कर सुव्यवस्थित एवं आकर्षक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी निजी मकान, भवन या व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर होर्डिंग, यूनिपोल या बड़े विज्ञापन बोर्ड लगाने से पहले नगर निगम को पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। निगम का कहना है कि इस कदम का मकसद शहर की सुंदरता बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

नगर निगम द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, यदि कोई भवन मालिक अपने परिसर में विज्ञापन होर्डिंग लगवाना चाहता है तो उसे सबसे पहले निगम को होर्डिंग का आकार (क्षेत्रफल), सटीक स्थान, विज्ञापन एजेंसी के साथ हुए एकरारनामे की प्रति तथा स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट (संरचनात्मक मजबूती) का प्रमाणपत्र जमा कराना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तेज आंधी, बारिश या खराब मौसम के दौरान होर्डिंग गिरने से किसी तरह का हादसा न हो।

निगम प्रशासन ने सभी विज्ञापन एजेंसियों और एडवरटाइजर्स को भी निर्देश दिया है कि वे शहर में लगे अपने सभी होर्डिंग, यूनिपोल और अन्य विज्ञापन संरचनाओं का अद्यतन ब्योरा निगम मुख्यालय में हार्ड और सॉफ्ट कॉपी के रूप में उपलब्ध कराएं। यह जानकारी निगम की आधिकारिक ई-मेल patname-bih@gov.in पर भी भेजी जा सकती है, ताकि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से भी सुरक्षित रखा जा सके।

इधर, नई विज्ञापन पॉलिसी-2026 का ड्राफ्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को भेज दिया गया है। विभाग ने इसके कानूनी पहलुओं की समीक्षा के लिए प्रस्ताव को विधि विभाग के पास भेजा है। यदि किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता होगी तो विभाग और नगर निगम के बीच विचार-विमर्श के बाद इसे अंतिम रूप देकर पूरे शहर में लागू किया जाएगा।नई नीति के तहत विज्ञापन शुल्क तय करने के लिए पटना शहर को चार जोन और चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में बड़े होर्डिंग, यूनिपोल और फ्लाईओवर पर लगाए जाने वाले विज्ञापन शामिल होंगे। दूसरी श्रेणी में सार्वजनिक सुविधाओं जैसे सुलभ शौचालय और कचरा संग्रहण केंद्रों पर लगने वाले विज्ञापन आएंगे। तीसरी श्रेणी में बस, ऑटो, व्यावसायिक वाहनों और ट्रैफिक संरचनाओं पर प्रदर्शित विज्ञापन रखे गए हैं, जबकि चौथी श्रेणी में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगे स्वयं के ब्रांड वाले साइनबोर्ड शामिल होंगे।

नगर निगम का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद अवैध विज्ञापनों पर प्रभावी रोक लगेगी, राजस्व में बढ़ोतरी होगी और राजधानी की सूरत भी बदलेगी। साथ ही बिना अनुमति या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लगाए गए होर्डिंगों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता भी साफ हो जाएगा।