बांकीपुर की जंग आज निर्णायक मोड़ पर, रोड शो, शक्ति प्रदर्शन और शुभ मुहूर्त के साथ नामांकन भरेंगे नीरज सिन्हा व प्रशांत किशोर

Bankipur By-Election: पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव आज नए राजनीतिक रंग में रंगने जा रही है। ...

Bankipur Bypoll Sinha Prashant Kishor File Nominations
बांकीपुर की जंग आज निर्णायक मोड़ पर,- फोटो : social Media

Bankipur By-Election: पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव आज नए राजनीतिक रंग में रंगने जा रही है। नामांकन के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पूरे लाव-लश्कर और शक्ति प्रदर्शन के साथ अपना नामांकन दाखिल करेंगे। दोनों दलों ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है, ऐसे में राजधानी की सियासत का पारा सुबह से ही चढ़ा हुआ है।प्रशांत किशोर ने आज सुबह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन करने से पहले सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।

भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा पार्टी कार्यालय से कार्यकर्ताओं के विशाल काफिले के साथ रोड शो करते हुए पटना कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। उनके नामांकन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। भाजपा इस सीट पर अपनी तीन दशक पुरानी पकड़ बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

वहीं, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी अपने समर्थकों के साथ जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के बाद उनका स्काउट एंड गाइड मैदान में जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है, जहां वे चुनावी शंखनाद के साथ जनता के सामने अपनी रणनीति और विजन रखेंगे। दूसरी ओर, जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार एवं सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी भी आज पटना कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

इस चुनावी मुकाबले को वैदिक ज्योतिष का भी दिलचस्प संयोग मिला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सोमवार को सूर्य और चंद्रमा दोनों मिथुन राशि में स्थित हैं तथा मिथुन लग्न का प्रभाव बना हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग बुद्धि, संवाद, जनसंपर्क, वाक्पटुता और राजनीतिक गतिविधियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में नामांकन, भाषण और जनसंपर्क जैसे कार्य करने से सफलता, यश, सम्मान तथा राजनीतिक प्रगति की संभावनाएं प्रबल होती हैं।

बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी इस मुकाबले को खास बनाता है। पिछले लगभग तीन दशकों से यह सीट भाजपा के कब्जे में रही है। पूर्व विधायक और भाजपा के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन की राजनीतिक कर्मभूमि होने के कारण यह सीट पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। भाजपा जहां अपने मजबूत संगठन, केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज के दम पर जीत दोहराने का दावा कर रही है, वहीं प्रशांत किशोर इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार की बड़ी परीक्षा के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में आज का नामांकन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बांकीपुर की सियासी जंग का निर्णायक आगाज़ माना जा रहा है।