Banshidhar Brajwasi Remark: बिहार में बंशीधर ब्रजवासी का यू-टर्न, बोले- BJP में शामिल नहीं हुआ, शिक्षकों के मुद्दे पर सम्राट चौधरी से मिला था

Banshidhar Brajwasi Remark: बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद भाजपा में शामिल होने की चर्चा पर बंशीधर ब्रजवासी ने यू-टर्न लिया है। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए, बल्कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिक्षकों के मुद्दों प

Banshidhar Brajwasi Remark

Banshidhar Brajwasi Remark: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा में शामिल होने की चर्चा में आए बंशीधर ब्रजवासी ने अब अपने बयान से पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। शनिवार को भाजपा की सदस्यता लेने की खबरों के बीच देर रात उन्होंने एक वीडियो जारी कर साफ कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिक्षकों के मुद्दों पर बातचीत करने गए थे।


ब्रजवासी के इस बयान के बाद उनकी भाजपा में एंट्री को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं। इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनके पार्टी की सदस्यता लेने की खबर सामने आई थी। उस समय उन्होंने खुद भी भाजपा में शामिल होने की बात कही थी। हालांकि, अब वीडियो जारी कर उन्होंने इससे इनकार कर दिया है।


वीडियो जारी कर क्या बोले बंशीधर ब्रजवासी?


देर रात जारी वीडियो में बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी भाजपा सदस्यता को लेकर कई तरह की खबरें चल रही हैं। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होना चाहिए था। यह भी कहा जा रहा है कि ऐसा करने से उनकी विधान परिषद की सदस्यता जा सकती है। उन्होंने अपने समर्थकों और शिक्षकों से भरोसा बनाए रखने की अपील की। ब्रजवासी ने कहा कि वे हमेशा शिक्षकों के मुद्दों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उनके मुताबिक, वे अपने मुद्दों, भावनाओं, सिद्धांतों और तेवर के साथ शिक्षकों के बीच बने रहेंगे।


ब्रजवासी ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें स्नेह के साथ मिलने के लिए बुलाया था। इस मुलाकात में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कराने का भरोसा दिया है, ताकि शिक्षक अपनी समस्याएं रख सकें और उनका समाधान हो सके।


पहले भाजपा में शामिल होने की कही थी बात


तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी ने लगातार दूसरी बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की है। चुनाव परिणाम आने के बाद शनिवार को उनके भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनकी सदस्यता लेने की बात भी कही गई थी।


उस समय ब्रजवासी ने कहा था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें छोटे भाई की तरह मानते हैं। चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की थी। ब्रजवासी के मुताबिक, उन्होंने शिक्षक हित में किसी के साथ जाने की बात कही थी और इसी वजह से भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था। लेकिन देर रात जारी वीडियो में उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेने से इनकार कर दिया। अब उनके पहले और ताजा बयान के बीच अंतर को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।


जेडीयू के हारे उम्मीदवार आनंद पुष्कर ने भी उठाए सवाल


इस पूरे घटनाक्रम पर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के प्रत्याशी रहे आनंद पुष्कर ने भी सवाल उठाए हैं। निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने उन्हें चुनाव में हराया था। राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद आनंद पुष्कर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने भाजपा के बड़े नेताओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या गठबंधन धर्म का पालन केवल जेडीयू ही करेगी? उनकी पोस्ट में छल और साजिश का भी जिक्र था। उनके इस बयान को एनडीए के भीतर राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।


मनोज झा ने दोनों एमएलसी की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी


भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।


मनोज झा का कहना था कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल कानून का उल्लंघन है। हालांकि, ब्रजवासी ने अब भाजपा में शामिल होने से ही इनकार कर दिया है। ऐसे में उनकी सदस्यता को लेकर उठे सवालों पर उनके ताजा बयान के बाद स्थिति बदल गई है।


जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर बने एमएलसी


बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार अभिषेक झा को हराया था। वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने जेडीयू के आनंद पुष्कर को मात दी थी।


दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत के बाद भाजपा में शामिल होने की खबरों ने बिहार की राजनीति में बहस छेड़ दी थी। अब ब्रजवासी के ताजा बयान ने इस मामले को और उलझा दिया है। फिलहाल, राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की खबरों और ब्रजवासी के इनकार के बीच राजनीतिक घटनाक्रम पर सबकी नजर बनी हुई है।