शिक्षा व्यवस्था शर्मसार! माथे पर भारी किताबों का बोझ ढोते दिखे स्कूली बच्चे, BEO ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

एक सरकारी विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।

शिक्षा व्यवस्था शर्मसार! माथे पर भारी किताबों का बोझ ढोते दि

Patna - : बिहार के बाढ़ अनुमंडल स्थित एकडंगा पंचायत के मसथू गाँव से एक विचलित करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ उत्क्रमित मध्य विद्यालय मसथू के बच्चों को अपनी पढ़ाई छोड़कर स्कूल की किताबों के भारी-भरकम बंडल माथे पर ढोते हुए देखा गया। यह दृश्य तब सामने आया जब सरकार द्वारा निशुल्क वितरण के लिए भेजी गई पुस्तकों का स्टॉक विद्यालय पहुँचा था।

शिक्षक के आदेश पर बने 'मजदूर' 

सड़क किनारे किताबों के बंडल सिर पर लादे जा रहे बच्चों से जब पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी पहचान पाँचवीं और सातवीं कक्षा के छात्र के रूप में दी। मासूमों ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों के आदेश पर ही वे इन भारी बंडलों को ढो रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बच्चों का कद किताबों के बोझ के आगे छोटा पड़ रहा है।

ई-रिक्शा चालक और प्रभारी के बीच तकरार 

जानकारी के अनुसार, इन पुस्तकों को ई-रिक्शा के जरिए प्रखंड संकुल कार्यालय से गाँव लाया गया था। ई-रिक्शा चालक ने किताबों को विद्यालय परिसर के अंदर तक ले जाने से मना कर दिया, जिसके बाद बच्चों को इस काम में लगा दिया गया। मौके पर पहुँचे विद्यालय के प्रभारी मोहम्मद शकील अहमद ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की और ई-रिक्शा चालक को पूरी दूरी तय न करने पर भुगतान रोकने की चेतावनी भी दी।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने जताया रोष 

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने इसे बेहद 'शर्मनाक' करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों से इस तरह का काम कराना कानूनन अपराध है और संबंधित विद्यालय के प्रभारी व दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Report - Ravi shankar