बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, ओडिशा में चक्रवात को लेकर रेड अलर्ट, बिहार में यहाँ होगी भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी से उठे इस सिस्टम का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है। सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ बंगाल और झारखंड होते हुए बिहार की ओर नमी का प्रवाह बढ़ सकता है।

Bay of Bengal Depression
Bay of Bengal Depression- फोटो : news4nation

Weather :  बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन (Depression) में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम अगले 24 घंटे में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को यह डिप्रेशन सागर द्वीप से करीब 130 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, दीघा से 140 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, चांदबली से 170 किलोमीटर पूर्व और बालासोर से करीब 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। 


IMD के मुताबिक, यह सिस्टम सोमवार दोपहर के आसपास पारादीप और सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट को पार कर सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में 29 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस चक्रवात के कारण न सिर्फ पश्चिम बंगाल और ओडिशा बल्कि कई अन्य सीमावर्ती जिलों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। 


ओडिशा के छह जिलों में रेड अलर्ट

रविवार को जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, अंगुल और ढेंकानाल में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बालासोर, भद्रक, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल, सोनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बोलांगीर, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


नबरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति और गंजाम के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 29 जुलाई तक ओडिशा तट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। राज्य के सभी बंदरगाहों पर स्थानीय सावधानी संकेत संख्या-III (LC-III) लगाया गया है।


बिहार पर क्या होगा असर?

बंगाल की खाड़ी से उठे इस सिस्टम का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है। सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ बंगाल और झारखंड होते हुए बिहार की ओर नमी का प्रवाह बढ़ सकता है। इसके चलते राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।


IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार में 27 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पटना समेत कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, मौजूदा सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उसके बाद झारखंड में रहने की संभावना है; बिहार में इसका असर मुख्य रूप से बारिश और नमी बढ़ने के रूप में दिखाई देगा।


मौसम विभाग की लोगों से अपील

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तटीय ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। बिहार में भी भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।