Bihar Politics : अनंत को पार्टी से आउट करने से पहले किन 5 नेताओं ने बैठक कर लगाई मुहर, ललन सिंह की क्या रही भूमिका..अंतिम पंच किसका

Bihar Politics : मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जदयू से बाहर करने का फैसला अचानक नहीं लिया गया था। पार्टी के 5 नेताओं ने इसपर अंतिम मुहर लगाई......पढ़िए आगे

Bihar Politics : अनंत को पार्टी से आउट करने से पहले किन 5 ने
अनंत पर अंतिम मुहर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : मोकामा के दबंग विधायक अनंत सिंह पर आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने शनिवार को आधिकारिक आदेश जारी करते हुए अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की भी पार्टी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इतना ही नहीं, पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की अनुशंसा भी की है, जिस पर अंतिम निर्णय संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत लिया जाएगा।

नीतीश आवास पर हुई हाई-लेवल बैठक में तय हुआ निष्कासन का खाका

बिहार की राजनीति में अनंत सिंह को बाहर निकालने का यह कदम अचानक नहीं उठाया गया। 24 अक्टूबर की शाम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में ललन सर्राफ, संजय गांधी, मंत्री अशोक चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और डिप्टी सीएम विजय चौधरी जैसे पार्टी के दिग्गज नेता मौजूद थे। अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर विस्तृत मंथन हुआ, जिसके बाद सर्वसम्मति से निष्कासन का फैसला लिया गया और बैठक खत्म होने से पहले ही कार्यालय आदेश जारी कर दिया गया।

एमएलसी चुनाव के दौरान ही तैयार हो गई थी कार्रवाई की जमीन

सूत्रों के अनुसार, अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा 15 अक्टूबर के आसपास ही तैयार हो चुकी थी। पार्टी नेतृत्व एमएलसी चुनाव के दौरान कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता था ताकि जन सुराज समर्थित प्रत्याशी को कोई चुनावी लाभ न मिल सके। यही वजह रही कि 23 अक्टूबर को मतदान खत्म होने तक का इंतजार किया गया। जेडीयू नेता नीरज कुमार से विवाद के बाद राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को मामला सुलझाने का जिम्मा सौंपा था, लेकिन समझाने के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ।

ललन सिंह और पार्टी नेतृत्व को खुली चुनौती बनी कार्रवाई की वजह

विवाद थमने के बजाय तब और बढ़ गया जब अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार पर हमलावर रहे और एमएलसी चुनाव में खुलकर जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करते नजर आए। हद तो तब हो गई जब 23 अक्टूबर को उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर बयान देते हुए कहा कि वह उन्हें नहीं जानते और बिहार में इस नाम के कई लोग हैं। अनंत सिंह ने पार्टी को खुलेआम चुनौती देते हुए यहाँ तक कह दिया था कि वह खुद चाहते हैं कि जदयू उनके खिलाफ कार्रवाई करे, जिसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना गया।

नीतीश कुमार और निशांत कुमार पर की गई टिप्पणियों ने बढ़ाई तल्खी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की नाराजगी भी एक प्रमुख वजह बनी। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के समर्थन में निशांत के प्रचार करने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा, उन्होंने नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी है और नीतीश कुमार के कारण उन पर गोली चली व नौ लोगों की हत्या हुई। इस प्रकार के विवादित बयानों ने पार्टी नेतृत्व को बेहद असहज कर दिया, जिसके बाद कार्रवाई का अंतिम निर्णय लिया गया।