बेउर जेल के अधीक्षक नीरज कुमार झा पर गिरी गाज, गंभीर अनियमितताओं के आरोप में हुए सस्पेंड

बिहार सरकार के गृह विभाग ने पटना की बेऊर जेल में व्यापक कुव्यवस्था, अवैध गैस संचालन, बंदियों से अवैध वसूली और युवा कैदियों के मानसिक व शारीरिक शोषण का खुलासा होने के बाद कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है ...

बेउर जेल के अधीक्षक नीरज कुमार झा पर गिरी गाज, गंभीर अनियमित
बेउर जेल के अधीक्षक नीरज कुमार झा सस्पेंड- फोटो : रणजीत कुमार

Patna : राजधानी पटना के आदर्श कारा बेउर जेल से एक बड़ी खबर सामने आई है। बिहार सरकार के गृह विभाग (कारा) द्वारा जारी एक बड़े आदेश के तहत बेऊर के कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। दिनांक 23.06.2026 को जारी इस आधिकारिक संकल्प के अनुसार, बेऊर जेल में हुए औचक निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।


छापेमारी में खुली पोल: वार्डों में अवैध गैस संचालन, हीटर का प्रयोग और बंदियों का शोषण

गृह विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गत 20.06.2026 को कारा निरीक्षणालय एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारियों द्वारा बेऊर जेल में औचक छापेमारी की गई थी। इस जांच के दौरान जेल के भीतर व्याप्त घोर कुव्यवस्था और अराजकता का पर्दाफाश हुआ:

  • अवैध रसोई का संचालन: लगभग सभी वार्डों में अवैध रूप से गैस का संचालन और खाना बनाने के लिए हीटर का प्रयोग किया जा रहा था।
  • अवैध वसूली: कैंटीन में बंदियों को निर्धारित एमआरपी (MRP) से अधिक दाम पर सामान बेचा जा रहा था और बाहर से सामान खरीदकर उन्हें ऊंचे दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा था। निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था।
  • निजी गैस की सुविधा और दोहन: अधिकतर बंदियों द्वारा प्राइवेट गैस का संचालन कर भोजन की व्यवस्था की जा रही थी, जिसके एवज में बंदियों से अवैध वसूली की जा रही थी।
  • मानसिक व शारीरिक शोषण: उच्च सुरक्षा कक्ष में तरुण (युवा) बंदियों को उग्रवाद एवं कुख्यात बंदियों के साथ रखकर उनके मानसिक और शारीरिक शोषण का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा था।


जांच टीम के साथ अभद्रता: अवकाश पर होने के बावजूद कार्य में डाला अड़ंगा

संकल्प पत्र के अनुसार, जांच के समय कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा अवकाश पर चल रहे थे। इसके बावजूद, वे बेऊर जेल परिसर में पहुंचे और उन्होंने जांच टीम के सहयोग करने के बजाय उनके कार्य में गंभीर गतिरोध (प्रतिरोध) उत्पन्न किया। इसके अतिरिक्त, कारा प्रशासन द्वारा जांच के समय सुरक्षा के बिना ही जांच दल को बंदियों के बीच छोड़कर बाहर चले जाने जैसी गंभीर अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और लापरवाही भी सामने आई है। साथ ही लेखा पंजियों का संधारण भी नियमानुसार नहीं पाया गया।


भागलपुर मुख्यालय निर्धारित; प्रपत्र 'क' में गठित होगा आरोप पत्र

गृह विभाग ने इन सभी मामलों में कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा को पूरी तरह दोषी पाया है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) के तहत उन्हें निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में उनका मुख्यालय विशेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर निर्धारित किया गया है। उनके विरुद्ध प्रपत्र 'क' (Prapatra Ka) में आरोप पत्र गठित कर अलग से विभागीय कार्यवाही भी संचालित की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।


राजीव कुमार को मिला बेऊर जेल का अतिरिक्त प्रभार

बेऊर जेल में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नए दायित्व सौंपे हैं। बिहार कारा सेवा के अधिकारी और वर्तमान में सहायक कारा महानिरीक्षक (क्षेत्र), कारा एवं सुधार सेवाएं, बिहार, पटना के पद पर तैनात श्री राजीव कुमार (वेतन स्तर-12) को आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। इस आदेश को माननीय मुख्य (गृह) मंत्री के अनुमोदन के बाद अपर सचिव-सह-निदेशक (प्र०) संजीव जमुआर के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

रणजीत की रिपोर्ट