भाजपा छोड़, राजद के साथ बिहार में सरकार बनाएंगे नीतीश कुमार ! तेजस्वी की RJD का आ गया ऑफर
भाई वीरेंद्र ने कहा कि JDU को BJP के साथ रहने के बजाय RJD के साथ मिलकर सरकार बनानी चाहिए। राजद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब NDA में UCC के मुद्दे पर घटक दलों में मतभेद की खबरें हैं.
Bihar News : बिहार की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन बदलने की अटकलों को हवा मिल गई है। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर NDA के भीतर अलग-अलग रुख सामने आने के बीच RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने JDU के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बड़ा राजनीतिक ऑफर दिया है। उन्होंने नीतीश कुमार से BJP का साथ छोड़कर RJD के साथ आने और नई सरकार बनाने की अपील की है।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि JDU को BJP के साथ रहने के बजाय RJD के साथ मिलकर सरकार बनानी चाहिए। उनके इस बयान को बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष की ओर से NDA में संभावित मतभेदों को उभारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
UCC के मुद्दे पर गरमाई सियासत
भाई वीरेंद्र का यह बयान ऐसे समय आया है जब UCC को लेकर बिहार में सियासी बहस तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि BJP-NDA शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू किया जाएगा। इसके बाद NDA के सहयोगी दलों, खासकर JDU और LJP (रामविलास), ने अंतिम रुख तय करने से पहले UCC के प्रावधानों और विभिन्न वर्गों से चर्चा की जरूरत बताई है।
JDU की ओर से कहा गया है कि UCC के प्रावधान सामने आने के बाद पार्टी इस पर विचार करेगी। JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत की बात कही है। वहीं चिराग पासवान ने भी UCC पर फैसला लेने से पहले देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखने की जरूरत बताई है। उप मुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने UCC पर फ़िलहाल इसके प्रावधान के आने का इंतजार करने की बातें कही हैं।
ऑफर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण
भाई वीरेंद्र का ऑफर राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतीश कुमार लंबे समय तक बिहार की राजनीति के प्रमुख सत्ता-केंद्र रहे हैं और JDU का NDA में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हालांकि मौजूदा समय में बिहार सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कर रहे हैं और नीतीश कुमार राज्यसभा में हैं।
फिलहाल JDU की ओर से BJP से गठबंधन तोड़ने या RJD के साथ सरकार बनाने का कोई संकेत नहीं दिया गया है। ऐसे में भाई वीरेंद्र का बयान अभी एक राजनीतिक प्रस्ताव और विपक्षी रणनीति के रूप में ही देखा जा रहा है। हालांकि UCC जैसे मुद्दों पर NDA के भीतर सहयोगी दलों के अलग-अलग रुख ने बिहार में गठबंधन की राजनीति को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है। आने वाले दिनों में BJP और उसके सहयोगी दलों के बीच इस मुद्दे पर होने वाली बातचीत पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।