बिहार में खाद माफियाओं पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तैयारी: 24 घंटे Flying Squad रखेगा नजर, मंत्री की चेतावनी - लाइसेंस होंगे रद्द
बिहार में खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर राज्य सरकार ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। कृषि मंत्री ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले डीलर हों या अधिकारी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
Patna - बिहार के कृषि मंत्री ने राज्य में खाद की आपूर्ति और इसकी कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम कर रही सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद और बीज के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कालाबाजारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
कृषि मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जो लोग कालाबाजारी में लगे हैं, वे सचेत हो जाएं। मेरी चेतावनी है कि उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" मंत्री ने स्पष्ट किया कि चाहे वह दोषी डीलर हो, कंपनी का प्रतिनिधि हो या कोई सरकारी अधिकारी, अनियमितता पाए जाने पर सबकी जवाबदेही तय होगी।
नेपाल तस्करी पर विभाग की पैनी नजर
मंत्री ने खुलासा किया कि कार्यभार संभालने के बाद उन्हें खाद की तस्करी से संबंधित वीडियो और सूचनाएं मिली थीं। विशेष रूप से मुजफ्फरपुर के रास्ते नेपाल की ओर खाद की तस्करी की खबरें आई थीं, जिस पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज की है। विभाग ने अब मुख्यालय और जिला स्तर पर 'उड़नदस्ता' (Flying Squad) का गठन किया है जो ऐसे मामलों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगा।
पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें किसान
कृषि मंत्री ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बिहार के किसी भी जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यूरिया, डीएपी (DAP), एनपीके (NPK) और एसएसपी (SSP) के पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। मंत्री ने कहा, "किसान हमारे लिए केवल लाभार्थी नहीं बल्कि 'अन्नदाता' और भगवान के रूप हैं, उनके शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
शिकायत के लिए 'विशेष सेल' और हेल्पलाइन नंबर
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कृषि विभाग ने एक 'शिकायत कोषांग' (Special Cell) खोला है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। मंत्री ने बताया कि विभाग प्रतिदिन शिकायतों की मॉनिटरिंग कर रहा है और दोषी पाए जाने पर कई लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। विभाग अब स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अनिवार्य रूप से कर रहा है ताकि कागजों और जमीन पर खाद की उपलब्धता का मिलान हो सके।
रिपोर्ट - वंदना शर्मा