15 आईएएस-वरिष्ठ अफसरों को मिली जिलों की कमान, बिहार में जमीन रिकॉर्ड की सफाई का 'मेगा प्लान': मिशन मोड पर एग्रीस्टैक अभियान
भूमि अभिलेखों को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कमर कस ली है। एग्रीस्टैक योजना के तहत जमाबंदी सत्यापन के लिए राज्य भर में विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसकी कमान विभाग के 15 सबसे अनुभवी अधिकारियों को सौंपी गई है।
Patna बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (कृषि गणना) ने राज्य के किसानों की जमाबंदी और बकेट क्लेम के सत्यापन कार्य को 'मिशन मोड' में पूरा करने का फैसला किया है। यह निर्णय 30 दिसंबर 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 06 से 08 जनवरी और 18 से 21 जनवरी के बीच यह विशेष सघन अभियान चलाया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की जिलावार तैनाती और जवाबदेही

अभियान की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने 15 वरिष्ठ पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों का प्रभार सौंपा है। ये अधिकारी न केवल आंकड़ों की निगरानी करेंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर सत्यापन कार्य का निरीक्षण भी करेंगे।
- निदेशक चकबंदी राकेश कुमार को मधेपुरा, सुपौल और सहरसा की जिम्मेदारी दी गई है।
- विशेष सचिव अरूण कुमार सिंह रोहतास, कैमूर और बक्सर में कमान संभालेंगे।
- निदेशक भू-अर्जन कमलेश कुमार सिंह को पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिलों का प्रभार मिला है।
- पटना और जहानाबाद की जिम्मेदारी उप-निदेशक मोना झा को सौंपी गई है।
शिविरों के माध्यम से होगा दावों का त्वरित निस्तारण
विभागीय निर्देशों के अनुसार, सभी नामित अधिकारी 07 से 10 जनवरी तक अपने-अपने जिलों में कैंप करेंगे। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे जिला मुख्यालयों में मौजूद रहकर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों के जमाबंदी दावों का सत्यापन सुनिश्चित करें। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आवंटित जिलों में सत्यापन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
डिजिटल कृषि पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ते कदम
राजस्व विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस सघन अभियान से एग्रीस्टैक के तहत किसानों का डेटाबेस अधिक सटीक और भरोसेमंद बनेगा। भविष्य में इसी डेटा के आधार पर किसानों को खाद, बीज, सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। सटीक भूमि डेटा होने से ऋण (KCC) और अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त करना भी किसानों के लिए आसान हो जाएगा।
इन जिलों में भी तैनात किए गए पर्यवेक्षक
अभियान को व्यापक बनाने के लिए विभाग ने हर प्रमंडल में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इनमें अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल (पूर्णिया प्रमंडल), सहायक निदेशक आजीव वत्सराज (दरभंगा-समस्तीपुर), उप-सचिव डॉ. सुनील कुमार (भागलपुर-मुंगेर) और श्री संजय कुमार सिंह (गोपालगंज-सिवान) प्रमुख हैं। अन्य जिलों जैसे वैशाली, अरवल, नालंदा और मुजफ्फरपुर के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों को पर्यवेक्षण का जिम्मा दिया गया है।
Report - bandana sharma