'मेरी हत्या हो जाती’… बीजेपी विधायक का बिहार विधानसभा में बड़ा खुलासा, स्पीकर बोले- 'यह युद्ध का मैदान नहीं', सदन में हाथापाई की नौबत
सदन शुरू होते ही बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने बुधवार को पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कल प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे।
Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा शुरू हो गया। नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी की। हंगामे के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सदन में हाथापाई की नौबत तक आ गई।
सदन शुरू होते ही बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने बुधवार को पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कल प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा, “कल मेरी हत्या हो जाती। वे सभी राजनीतिक दलों के गुंडे थे।”
यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं
श्याम बाबू यादव के इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के विधायक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। लगातार बढ़ते हंगामे और हाथापाई जैसी स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने दोनों पक्षों को कड़ी फटकार लगाई। स्पीकर प्रेम कुमार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि “यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं।” उन्होंने विधायकों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। अंत में स्पीकर ने दोपहर 2 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
विपक्षी विधायकों का भारी विरोध
विपक्षी विधायक नीट पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ सरकार को घेर रहे हैं। इससे पहले विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर के बाहर बैनर-पोस्टर लेकर धरने पर बैठे और ‘भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ’ जैसे नारे लगाए। विपक्षी विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान ‘10 वर्षों में 152 पेपर लीक क्यों, भाजपा सरकार जवाब दो’ और ‘छात्रों पर पुलिस बर्बरता नहीं चलेगी’ जैसे स्लोगन वाले पोस्टर भी नजर आए।
सदन के अंदर और बाहर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच विधानसभा की कार्यवाही महज 8 मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के 100 दिन पूरे होने के दिन विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।