धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे बसपा विधायक, बिहार विधानसभा में भी जोरदार हंगामा

विधानसभा परिसर के बाहर विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन जारी है। नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। इस बीच बसपा विधायक सतीश यादव धरना पर बैठ गये है.

BSP MLA Satish yadav stage protest in Bihar Assembly
BSP MLA Satish yadav stage protest in Bihar Assembly- फोटो : news4nation

 Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के पोर्टिको में बसपा विधायक सतीश यादव धरने पर बैठ गए हैं। उनके एक तरफ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर है, जबकि दूसरी तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाला पोस्टर लगा है। विधायक ने नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया है। बसपा विधायक सतीश यादव विधानसभा परिसर में तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, इसमें पेपर लीक के दोषियों को सजा दो। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दो और छात्रों पर पुलिसिया जुल्म करना बंद करो शामिल है।


विधानसभा परिसर के बाहर विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन जारी है। नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। प्रदर्शन के दौरान ‘भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ’ समेत कई नारे लगाए गए और केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।


वहीं, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन के अंदर भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्र नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के गुंडे थे। उन्होंने कहा कि उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया और “कल मेरी हत्या हो जाती।”


इस बयान के बाद सदन में हंगामा और बढ़ गया। दोनों पक्षों के विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत तक आ गई। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं।”


लगातार बढ़ते हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज 8 मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन और सदन के अंदर सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव के कारण मानसून सत्र के चौथे दिन राजनीतिक माहौल बेहद गरम रहा।