बिहार विधानसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन भारी हंगामा, कार्यवाही शुरू होने के 4 मिनट बाद ही स्थगित

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र का अंतिम दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ और फायरिंग के मुद्दे पर RJD-BJP के सदस्य आमने-सामने हो गये. हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया.

Bihar Assembly Adjourned
Bihar Assembly Adjourned- फोटो : news4nation

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कार्यवाही शुरू होने के महज चार मिनट बाद ही 11.04 बजे सदन को स्थगित कर दिया। 


सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक आलोक मेहता ने गुरुवार को हुए जहानाबाद में प्रदर्शन के दौरान कथित फायरिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाई गई। उनके इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। बीजेपी विधायकों ने कहा कि जिन लोगों ने उन पर जानलेवा हमला किया, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई कथित गुंडागर्दी की निंदा करते हुए सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। 


इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया और कई विधायक सदन के वेल तक पहुंच गए। शोर-शराबे और लगातार बढ़ते गतिरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी।


वहीं, छात्रों के प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने भी सुरक्षा की कमान संभाल ली है। प्रदर्शन की आशंका के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायक अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे हटाकर विधानसभा पहुंचे।


नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होने पर मंत्री श्रवण कुमार ने भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव इसी तरह सदन से दूर रहते रहे तो अगली बार जनता उन्हें नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बनाएगी।