बिहार विधानसभा का 106 वां स्थापना दिवस समारोह शुरू, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने किया डिजिटल हाउस का उद्घाटन, विजय सिन्हा ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत का किया ज़िक्र

Bihar Vidhan Sabha Foundation Day: बिहार विधानसभा ने अपना 106वां स्थापना दिवस पूरे शान-ओ-शौकत के साथ मनाया जा रहा है।

Bihar Assembly s 106th Foundation Day Begins Om Birla Inaugu
बिहार विधानसभा का 106 वां स्थापना दिवस समारोह शुरू- फोटो : reporter

Bihar Vidhan Sabha Foundation Day: बिहार की सियासत और संसदीय परंपराओं के लिए आज का दिन तारीख़ी, यादगार और दूरगामी असर वाला बन गया, जब बिहार विधानसभा ने अपना 106वां स्थापना दिवस पूरे शान-ओ-शौकत के साथ मनाया। लोकतंत्र के इस ऐतिहासिक मंदिर को कोलकाता से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, मानो सदन की दीवारें भी संविधान की खुशबू से महक उठी हों।

इस मौके पर संयुक्त सदन की कार्यवाही की शुरुआत हुई, जिसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में सियासत, संवाद और संविधान तीनों का संगम देखने को मिला।

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अपने वक्तव्य में बिहार की सांस्कृतिक विरासत का ज़िक्र करते हुए कहा कि संविधान में अंकित सनातन और अन्य परंपराओं के प्रतीक राज्य की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े हैं, और उस गौरव को फिर से स्थापित करना समय की मांग है।विजय सिन्हा ने ई-विधान के उद्घाटन के लिए ओम बिड़ला को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा “सशक्त विधायक-सशक्त लोकतंत्र” विषय पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का व्याख्यान। अपने संबोधन से पहले उन्होंने डिजिटल बिहार विधानसभा का उद्घाटन किया और रिमोट का बटन दबाकर डिजिटल नेशनल ई-विधान एप को लॉन्च किया। इसके साथ ही बिहार विधानसभा ने कागज़ी कार्यवाही से निकलकर डिजिटल लोकतंत्र के नए दौर में क़दम रख दिया। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लाखों पन्नों की बचत भी होगी यानी तकनीक के सहारे सुशासन की नई इबारत।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। साथ ही राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू का भी सम्मान किया गया। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि डिजिटल विधानसभा से विधायकों की ताक़त, समझ और जवाबदेही तीनों में इज़ाफ़ा होगा।

संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ओम बिड़ला को एक अनुभवी और प्रखर संसदीय नेता बताया। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समारोह में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने फोन पर स्पीकर प्रेम कुमार से बात कर आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

7 फरवरी 1921 को सर वाल्टर मोरे की अध्यक्षता में बिहार-ओडिशा प्रांतीय परिषद की पहली बैठक हुई थी। आज, 106 साल बाद, वही विधानसभा लोकतंत्र की नई तकनीकी इबारत लिखते हुए इतिहास और भविष्य को एक ही मंच पर जोड़ती नज़र आई।