इंग्लैंड का MP 90 हजार का प्रतिनिधि होता है भारत का सांसद 25 लाख लोगों का... किरेन रिजिजू का बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस बड़ा खुलासा

किरेन रिजिजू अपने संसदीय जीवन के अनुभव को बताते हुए कहा कि वे इंग्लैंड में जब एक संसदीय टूर पर गए थे तब उन्होंने भारत और वहां के सांसदों के बीच के अंतर को महसूस किया.

Kiren Rijiju
Kiren Rijiju - फोटो : news4nation

Kiren Rijiju : केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है. भगवान बुद्ध ने यहीं से दुनिया को बौद्ध धर्म का उपदेश दिया. उन्होंने कहा कि हमे बिहार से बहुत कुछ सीखना है. बिहार के लोग बहुत अच्छे वक्ता होते हैं. यहां के लोग जब सदन में रहते हैं तो बोरियत नहीं होती. बिहारी होने पर आप सबों को गर्व होना चाहिए. किरेन रिजिजू ने कहा कि अध्यक्ष जी के कहने पर अपने प्रोग्राम में संशोधन करके बिहार आया. बिहार का विधान परिषद देश का पहला लाइव सदन है.


किरेन रिजिजू अपने संसदीय जीवन के अनुभव को बताते हुए कहा कि वे इंग्लैंड में जब एक संसदीय टूर पर गए थे तब उन्होंने भारत और वहां के सांसदों के बीच के अंतर को महसूस किया. जहां भारत में एक सांसद करीब 25 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं इंग्लैंड में एक सांसद सिर्फ 90 हजार लोगों का प्रतिनिधि होता है. इतना ही नहीं भारत में सांसद और विधायक को जनता की अजीब अजीब समस्या सुलझानी पड़ती है. जैसे कोई जेल गया तो बेल दिलाना, किसी का अस्पताल में दाखिला करना, स्कूल में एडमिशन कराना, नाला और बिजली तक के लिए सिफारिश करना. वहीं इंग्लैंड में इन कामों के लिए कोई जनप्रतिनिधियों के पास नहीं जाता. वहां के सांसद पॉलिसी यानी नीतियों को बनाने पर मुख्यतः चर्चा करते हैं. 


उन्होंने सदस्यों को नसीहत दी कि सदन के नियमों को समझना जरूरी है. इसलिये सदन में अपनी बातों को रखने से पहले नियम का सही ज्ञान होना चाहिए. उन्होंने संसद में चल रहे राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य सदस्यों के साथ हुए विवाद की ओर इशारा करते हुए सुझाव दिया कि नियम जनाना सबके लिए जरूरी होता है. 


बिहार ऐतिहासिक धरती

वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि विधानसभाओं से ही देश का नेतृत्व करने वाले निकलते है. सदन में शोर शराबे से अपनी बात नहीं कहना चाहिए. सब लोग संविधान को समझें, जनता की भावना का कद्र करें. उन्होंने बिहार को आध्यात्म की ऐतिहासिक धरती बताया.


हरिवंश ने बिहार को सराहा 

बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यसभा के सभापति हरिवंश ने संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप संसद और विधानसभा के चलने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मूल्यों की विरासत को संभालना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा विधायकों को सशक्त बनाने में तकनीक से पूरी तरह सक्षम है. ईविधान से जनता अपने विधायक का आकलन आसान हो गया है.