Bihar Politics: बिहार मंत्रिमंडल विस्तार अंतिम चरण में, दिल्ली में निर्णायक बैठक ,सीएम सम्राट आज गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात

Bihar Politics:सम्राट चौधरी की देश की राजधानी नई दिल्ली में मौजूदगी और उनकी अमित शाह से होने वाली अहम मुलाकात ने सियासी पारा बढ़ा दिया है।....

Bihar Cabinet Expansion Near Final, CM Meets Home Minister T
कैबिनेट विस्तार पर लग सकती है मुहर- फोटो : social Media

Bihar Politics:दिल्ली में हलचल तेज है और बिहार की राजनीति एक बड़े फैसले के मुहाने पर खड़ी दिख रही है। सम्राट चौधरी की देश की राजधानी नई दिल्ली में मौजूदगी और उनकी अमित शाह से होने वाली अहम मुलाकात ने सियासी पारा बढ़ा दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि बिहार के लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार पर आखिरी मुहर लगाने वाली साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अमित शाह से सम्राट चौधरी की यह पहली औपचारिक मुलाकात है, इसलिए इसके राजनीतिक मायने और भी गहरे माने जा रहे हैं।

बैठक में सरकार के आगामी एजेंडे, संगठनात्मक संतुलन और केंद्र-राज्य समन्वय पर भी चर्चा की संभावना है। खास तौर पर बिहार के विकास से जुड़े मुद्दे एजेंडे में प्रमुख रह सकते हैं।

संभावित मंत्री चेहरे

जदयू कोटे से जिन नामों की चर्चा है, उनमें

वहीं भाजपा कोटे से संभावित नामों में

भाजपा और जदयू के बीच 15-15 का फॉर्मूला लागू हो सकता है, जिसके तहत भाजपा के 13 और जदयू के 12 मंत्री शामिल हो सकते हैं।लोजपा रा, हम,और रालोमो को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है, जिससे सरकार में सामाजिक संतुलन बना रहे।

क्या है अंदरूनी रणनीति?

सूत्रों के अनुसार, इस बार कैबिनेट गठन में जातीय समीकरण, अनुभव और युवा चेहरों के बीच संतुलन बनाने पर खास जोर है। साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की भी तैयारी है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक संदेश दोनों मजबूत किए जा सकें।

दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। इस बातचीत को भी कैबिनेट विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे साफ है कि फैसले में सभी बड़े नेताओं की सहमति अहम भूमिका निभा रही है।

कब हो सकता है ऐलान?

पार्टी सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद किसी भी समय नई कैबिनेट की घोषणा हो सकती है। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और अब सिर्फ आधिकारिक मुहर का इंतजार है। कुल मिलाकर, यह बैठक बिहार की राजनीति के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है जहां से नई कैबिनेट और नई सियासी दिशा दोनों तय होंगी।