Bihar cabinet expansion: 7 मई को होगा बिहार कैबिनेट का विस्तार, गांधी मैदान में नए मंत्रियों का दिलाई जाएगी शपथ ग्रहण

Bihar cabinet expansion: 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में NDA सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है, जिसे महज़ एक शपथ ग्रहण नहीं बल्कि सियासी ताकत के बड़े इजहार के तौर पर देखा जा रहा है।

Bihar Cabinet expansion on May 7 oath ceremony at Gandhi Mai
7 मई को होगा बिहार कैबिनेट का विस्तार- फोटो : social Media

Bihar cabinet expansion: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज है और हुकूमत के गलियारों में नई बिसात बिछती दिख रही है। 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में NDA सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है, जिसे महज एक शपथ ग्रहण नहीं बल्कि सियासी ताक़त के बड़े इजहार के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने जा रहे इस नए मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है। राज्यपाल सय्यद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस मौके पर NDA के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी इसे और भी अहम बना देगी।

दिल्ली दरबार से लेकर पटना तक चली सियासी मशविरों की लंबी कड़ी के बाद यह विस्तार तय हुआ है। हाल ही में अमित शाह के साथ हुई मुलाकात ने इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं NDA के सहयोगी दलों जदयू के राजीव रंजन सिंह ललन, हम के जीतन राम मांझी और लोजपा (रा) के चिराग पासवान के साथ भी गहन मंथन हुआ।

दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने अपने पूर्ववर्ती और जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार से मुलाकात कर सियासी संदेश भी दे दिया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। इस मुलाकात को सियासी हलकों में “एकता का इज़हार” और विपक्ष के लिए खामोश चेतावनी माना जा रहा है।

243 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 30 मंत्रियों की सीमा के बीच इस विस्तार में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है। सूत्रों की मानें तो भाजपा, जदयू के साथ-साथ लोजपा, हम और रालोमो को भी प्रतिनिधित्व देकर गठबंधन को मज़बूत करने की रणनीति पर काम हो रहा है।

गांधी मैदान में तैयार हो रहा भव्य मंच इस बात का संकेत है कि यह महज़ सरकारी रस्म नहीं, बल्कि सियासी ताक़त का खुला प्रदर्शन होगा। टेंट, सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तैयारियां ज़ोरों पर हैं, हालांकि अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। साफ है यह मंत्रिमंडल विस्तार बिहार की सियासत में नई इबारत लिखने की कोशिश है, जहां हर चाल में सियासी गणित और भविष्य की बिसात साफ झलक रही है।