नीतीश के मंत्री का आदेश भी हवा: तीन जिलों को जोड़ने वाली ढोलबज्जा सड़क विभागों की 'फुटबॉल' बनी, चौड़ीकरण का काम फाइलों में दफन

भागलपुर, मधेपुरा और पूर्णिया को जोड़ने वाली ढोलबज्जा सड़क का चौड़ीकरण विभागीय उदासीनता के कारण लटका है। पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के बीच जिम्मेदारी के टकराव से जनता परेशान।

 बिहार: ढोलबज्जा सड़क पर विभागीय 'जंग', चौड़ीकरण का काम ठप।

Bhagalpur -  बिहार के तीन प्रमुख जिलों—भागलपुर, मधेपुरा और पूर्णिया को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ढोलबज्जा सड़क आज विभागीय खींचतान और उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। हजारों लोगों की लाइफलाइन मानी जाने वाली यह सड़क अब 'लावारिस' स्थिति में है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर पथ निर्माण मंत्री के स्पष्ट आदेश के बावजूद, विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

विभागों के बीच फंसा पेंच: पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग आमने-सामने 

सड़क के विकास कार्य ठप होने की मुख्य वजह विभागों के बीच तालमेल की कमी है। भागलपुर पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता का दावा है कि यह सड़क उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। दूसरी ओर, ग्रामीण कार्य विभाग पहले ही पत्र लिखकर इसे पथ निर्माण विभाग का हिस्सा बता चुका है। अब इस बात की कयासबाजी लगाई जा रही है कि कहीं यह सड़क बाढ़ प्रमंडल विभाग के अधीन तो नहीं है। विभागों की इस 'तू-तू मैं-मैं' में आम जनता पिस रही है।

मंत्री दिलीप जायसवाल के आदेश की भी अनदेखी 

हैरानी की बात यह है कि इसी वर्ष फरवरी में पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुद ढोलबज्जा का दौरा किया था। उन्होंने भटगामा जीरोमाइल से ढोलबज्जा होते हुए विजय लालगंज और खैरपुर कदवा फोरलेन से मोहनपुर तक सड़क चौड़ीकरण का निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिया था। मंत्री के आश्वासन के महीनों बाद भी जमीन पर कोई प्रगति नहीं होना प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

जानलेवा गड्ढे और दुर्घटनाओं को न्योता देता संकीर्ण रास्ता

 जदयू नेता प्रशांत भवेश कुमार कन्हैया ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन जानलेवा होती जा रही है। संकीर्ण रास्ते और भारी यातायात के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरसात के समय यह सड़क पूरी तरह नारकीय स्थिति में पहुंच जाती है। व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण होने के बावजूद इस जीवनरेखा की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

जनता की चेतावनी: जल्द समाधान नहीं तो ठप होगा विकास 

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय फाइलों और असमंजस की वजह से क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास रुक गया है। ग्रामीणों ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क की जिम्मेदारी तय की जाए और चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो। अगर जल्द ही इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगी।